पाटन से बड़ी खबर — जमीनी अमले की जेब खाली, अब सुशासन शिविर में फूटेगा गुस्सा!, पंचायत सचिवों को नहीं मिला वेतन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का मानदेय भी नहीं मिला
पाटन। सरकार के सुशासन के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। दुर्ग जिले में विकास की रीढ़ माने जाने वाले पंचायत सचिव और.










