कुम्हारी में जयंती पर गुरु बाबा घासीदास जी का पुण्य स्मरण के साथ सतनाम समाज के भवन में अतिरिक्त कक्ष और मंच की हुई घोषणा
दुर्ग । बाबा गुरु घासीदास जी ने हमें जीवन जीने की कला सिखाई। यह उनकी सबसे बड़ी देन है जो हमें रास्ता दिखा रही है। उनके मूल्य सभी के लिए.










