पाठकों की पाती में गॉडलीवुड स्टूडियो की छायाचित्रकार काजल वर्मा ने कुछ इस अंदाज में पेश की अपनी स्वरचित कविता, आप भी पढ़िए

सादगी पसंद है उनको, कि मुझे बदलना उनका स्वभाव हो गया। उनका हँसता हुआ चेहरा, मेरे दर्द का सहारा हो गया। वो अपना दर्द छुपाये रखता है, मेरे कहानी का.

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पाठकों की पाती में आज शिक्षक दिवस विशेष कविता मुंगेली के अशोक कुमार यादव के कलम से

कविता- जय हो गुरुदेव! जय हो! महाज्ञानी गुरुदेव ज्ञानदाता। सच्चा पथ प्रदर्शक भगवान विधाता।। सूर्य के समान चमक रहा है विद्याधर। साक्षात अंतरात्मा को प्रकाशित कर।। अबोध बालक में जागृत.

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पाठकों की पाती में आज के दिन को गणपति बप्पा को समर्पित करते अनिता वर्मा के द्वारा रचित यह कविता, सिर्फ और सिर्फ सीजी मितान पर

||गौरीनंदन को शत् शत् अभिनन्दन|| सभी कार्य के शुभारंभ की सफलता का, आशिष देने वाले गौरीनंदन को शत् शत् अभिनन्दन|| जीवन के बाधाओं को दुर करने वाले, निराशाओं मे एक.

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पाठकों की पाती में आज विश्व आदिवासी दिवस पर विशेष….शीतल साहू की कलम से पढ़ें ये कविता

वे है वे इस धरा पर सदियों सेजी रहे है प्रकृति के साथ वनों में फिरते और विचरते भूख और प्यास से जूझते अनगढ़ पत्थरों को गढ़ते और तराशते। कोदो.

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पाठकों की पाती में आज मदर्स डे विशेष कविता अनीता वर्मा के कलम से

माँ माँ मै तो‌ तेरी ही रचना हूँ .. आज अपनी ही रचना पर क्या लिखूँ? हर पल हर दिन मेरे लिए खास हो माँ, एक अनकही सी कहानी हो.

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आज मजदूर दिवस विशेष कविता: “बोरे बासी” शीतल साहू के कलम से

बोरे-बासी —— कहिके गे हे हमर पुरखा घुरवा के दिन घलो बहुरथे सिरतोन हे उकर भाखा सौंहत आँखी मा जब वो दिखथे। फेर में तो हव इहि के माटी हरव.

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