महूं जाहूं स्कूल : “सुन ना दाई ओ,सुन गा मोर ददा…महूं जाहूं स्कूल,ले दव ना बस्ता”…पाठकों की पाती में आज कवि अशोक की ये सुंदर कविता
महूं जाहूं स्कूल सुन ना दाई ओ, सुन गा मोर ददा।महूं जाहूं स्कूल, ले दव ना बस्ता।।पेन, कापी हा, मोर संगी-साथी ए।पुस्तक मनी हा, जिनगी के थाती ए।।पढ़-लिख के चलहूं.










