पाठकों की पाती : होली हुड़दंग : पीला लाल हरा गुलाल लेकर आना हमजोली – कवि अशोक कुमार
पीला, लाल, हरा, गुलाल, लेकर आना हमजोली।रंगों का बौछार और हंसी-खुशी से आयी है होली।।निर्मल रंग की साड़ी पहन के निकालना आंगन में।पकड़ हाथों में पिचकारी राह देखूंगा खुली लेन.










