राज्य में सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई की स्थापना पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की जा रही है। यह भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप निर्माण कंपनी मानी जाती है। कंपनी ने छत्तीसगढ़ में ₹1143 करोड़ की लागत से एक हाई-टेक उत्पादन सुविधा स्थापित करने की घोषणा की है। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बन रहा यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स के उत्पादन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इन चिप्स का उपयोग टेलीकॉम, 6G/7G तकनीक, लैपटॉप, पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य अत्याधुनिक उत्पादों में किया जाएगा।

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कंपनी ने प्रारंभिक चरण में राज्य के विभिन्न जिलों से 12 युवाओं का चयन किया है। इनमें इंजीनियरिंग और कॉमर्स स्नातक शामिल हैं। इन युवाओं को पहले चेन्नई में उच्चस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद इन्हें एस्टोनिया, फ्रांस और सिंगापुर स्थित पॉलीमैटेक के वैश्विक संयंत्रों में एडवांस ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा। यात्रा, आवास और प्रशिक्षण से जुड़े सभी खर्च कंपनी द्वारा वहन किए जाएंगे।
कंपनी ने बताया कि सभी चयनित उम्मीदवार फ्रेश इंजीनियर हैं और आगामी महीनों में चयनित युवाओं की संख्या बढ़कर 200 से 250 तक पहुंच सकती है।
तकनीकी विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग
राजनीतिक और उद्योग विश्लेषक इस कदम को प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं। उनका मानना है कि सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित होने के बाद छत्तीसगढ़ तकनीकी उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन, डाटा प्रोसेसिंग, माइक्रोचिप निर्माण और ग्लोबल सप्लाई चेन नेटवर्क में अपनी पहचान मजबूत कर सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कदम को राज्य के युवाओं और औद्योगिक विकास के लिए ‘ऐतिहासिक अवसर’ बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह परियोजना युवाओं को वैश्विक स्तर पर कौशल और अनुभव प्रदान करेगी।
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