राजू वर्मा

सीजी मितान न्यूज़
जंगल और पहाड़ों की खूबसूरती हरे-भरे वृक्षों, ऊंची चोटियों, झरनों, ताज़ी हवा और पक्षियों की चहचहाहट में छिपी है, ये सभी आपको मिलेंगे गोमर्डा अभ्यारण में…जहाँ सुबह की सुनहरी धूप और शाम के रंगीन नज़ारे मन मोह लेते हैं; ये प्रकृति के अद्भुत संगम हैं जो शांत वातावरण, समृद्ध जैव विविधता और मन को सुकून देने वाले अनुभव प्रदान करते हैं, जो हमेशा यादगार बन जाते हैं!!!!

जी हाँ हम बात कर रहे हैं जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के गोमर्डा अभयारण्य की जो प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है, जहां जल और जंगल के जैव विविधता को समेटे हुए है।

लगभग 277 वर्ग किलोमीटर में फैला गोमर्डा अभ्यारण्य जिला मुख्यालय सारंगढ़ से सरायपाली मार्ग में स्थित है, , अभ्यारण्य का अधिकाश भाग पहाडी है। राठन बुढाघाट, गोमर्डा, दानव करवट दैहान आदि पहाडियॉं इस क्षेत्र के प्राकृतिक सौन्दर्य की अभिवृद्धि करती है, साथ ही वन्य प्राणियों के लिए प्राकृतिक वास स्थलों का निर्माण भी करती है…छोटी-छोटी जल प्रवाही नदियां इस क्षेत्र के वन्य जीवों की तृष्णा शांत करते हुए तटवर्ती क्षेत्रों को हरियालीपूर्ण विविधता प्रदान करती है।

गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र मुख्यतः उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों से आच्छादित है। यत्र तत्र बांस के कुछ झुरमुट भी पाए जाते है। पहाड़ के ऊपर सूखे घास के मैदान तो आपको मसाईमारा का अहसास दिलाते हैं. अभ्यारण्य में मुख्यतः साजा, धावरा, तेन्दू आचार, मिर्रा, महुआ, कर्रा, सलई, बीजा, ऑंवला, खम्हार, दोटा बेल, सेमर, हरसिंगार, धवई, कोरिया इत्यादि के वृक्ष पाये जाते है।

वानस्पतिक विविधता तथा प्राकृतिक संरचनाओं के अनुरूप इस अभ्यारण्य में तेन्दुआ, लकडबग्घा, जंगली कुत्ते, सियार, लोमडी, भेडिया, जंगली बिल्ली आदि मांसाहारी जीव, गौर, नील गाय, साम्हर, चीतल, कोटरी आदि शाकाहारी जीव एवम भालू जो सर्वभक्षी माना जाता है, इस अभ्यारण्य में बहुतायत में पाए जाते है। राष्ट्रीय पक्षी मोर, राज्य पक्षी दूधराज गिध्द तथा अनेक रंग-बिरंगे पक्षी देखने को मिलते है।

इस मौसम में सुबह की धूप जंगल के रास्ते को और भी खूबसूरत और जीवंत बना देती है, जो शहर की भागदौड़ से दूर, सुकून का एहसास कराती है।

जंगल के रास्ते में सुबह की धूप पेड़ों के घने पत्तों से छनकर, सुनहरी किरणों के रूप में जमीन पर पड़ती है, जिससे एक जादुई, शांत और प्राकृतिक नज़ारा बनता है, जहाँ धूल के कण चमकते हैं और हरियाली पर रोशनी बिखर जाती है, जो पक्षियों की चहचहाट और हवा के सरसराहट के साथ एक नया जीवन जगाती है…रास्ते मे कुलाचे भरते हिरणों का झुंड,पेड़ों से आती चिड़ियों की चहचहाहट और पत्तों की सरसराहट स्वागत गीत जैसा लगता है।







