राजू वर्मा सीजी मितान न्यूज़ ।छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश अब आफत बन गई है। गरियाबंद, बीजापुर, सक्ती, रायपुर, धमतरी, दंतेवाड़ा, बालोद, कोंडागांव और सूरजपुर समेत कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कहीं निर्माणाधीन पुल ढह गया, कहीं बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया तो कहीं सड़कें और पुलिया जलमग्न होने से संपर्क टूटने की स्थिति बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही वर्षा तथा मौसम विभाग द्वारा कई जिलों के लिए जारी रेड एवं येलो अलर्ट को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उच्च सतर्कता (हाई अलर्ट) पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।


गरियाबंद जिले की उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन पुल भारी बारिश के बीच भरभराकर गिर गया। यह पुल छत्तीसगढ़ के अमलीगांव को ओडिशा के चार गांवों से जोड़ने वाला था। पुल ढहने से दोनों राज्यों के बीच संपर्क प्रभावित हो गया।


इसी जिले में देर रात फॉरेस्ट परिसर में खड़ी छुरा रेंजर की सरकारी बोलेरो पर विशाल पेड़ गिर गया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। लगातार बारिश से पेड़ों की जड़ें कमजोर होने के कारण वन विभाग ने जोखिम वाले पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है।
सक्ती जिले में महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर कलमा बैराज के सभी 66 गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी में न जाने, मछली पकड़ने और नाव से आवागमन से बचने की अपील की है।

वहीं बीजापुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। भोपालपटनम क्षेत्र के चंदनगिरी गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शाम 4 बजे तक जलस्तर 15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि डेंजर लेवल 14.50 मीटर है। भैरमगढ़-गीदम के बीच नेशनल हाईवे पर फुंडारी के पास पानी सड़क तक पहुंच गया है, जिससे बीजापुर का संभाग मुख्यालय से संपर्क टूटने का खतरा बढ़ गया है। तेलंगाना और महाराष्ट्र से संपर्क भी प्रभावित हो रहा है।

रायपुर के महादेव घाट का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी किनारे अलर्ट जारी किया गया है। धमतरी में सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं और जल संसाधन विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है।
दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन की आशंका के चलते आवाजाही रोक दी गई है, जबकि नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले NH-130 पर पुलिया प्रभावित होने से आवागमन बाधित है।
सूरजपुर में ढेकी नदी के तेज बहाव में 10 वर्षीय बच्चा बह गया। NDRF की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी है। आरंग के निसदा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार के छह सदस्यों को SDRF ने मोटरबोट से सुरक्षित बाहर निकाला।
खारुन नदी उफान पर पाटन एसडीएम उत्तम ध्रुव ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
पाटन क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और खारून नदी के उफान पर होने से उत्पन्न बाढ़ जैसी स्थिति का जायजा लेने पाटन एसडीएम उत्तम ध्रुव प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे।
एसडीएम ने किकीरमेटा, शुक्लाडीह, रीवागहन, ओदरागहन, निपानी, चूलगहन और बोरिद सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए, जरूरतमंद लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे।

एसडीएम ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जलभराव एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







