दुर्ग। छतीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 400 यूनिट तक की खपत पर बिजली बिल की राशि को आधा किए जाने हेतु दिशा-निर्देश से जारी की गई है। जिसमें राज्य शासन, एतद् द्वारा, घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की विद्युत देयकों में राहत (हाफ बिजली बिल) योजना के तहत प्रतिमाह 400 यूनिट की सीमा को परिवर्तित कर प्रतिमाह केवल 100 यूनिट तक की खपत करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को योजना का छूट देने का निर्णय लिया गया है।जिसको लेकर उपाध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल केशव बंटी हरमुख ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
हरमुख ने बतया की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सभी उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का लाभ मिल रहा था, जिससे आम जनता को सीधी आर्थिक राहत मिलती थी।
वर्तमान भाजपा सरकार ने इस जनहितकारी योजना में संशोधन करते हुए अब सिर्फ 100 यूनिट तक ही हाफ योजना का लाभ देने का आदेश पारित किया है।
आगे बतया की इतना ही नहीं कांग्रेस सरकार में यदि कोई उपभोक्ता 400 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करता था, तब भी पहले 400 यूनिट पर छूट मिलती थी।
लेकिन भाजपा सरकार के नए आदेशानुसार, यदि उपयोग 100 यूनिट से एक भी यूनिट अधिक उपयोग करती है तो पूरे बिल पर कोई भी छूट नहीं मिलेगी।
आगे कहा की अब भाजपा सरकार इस संशोधित योजना को छुपाकर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रचार करेगी.. जबकि सच्चाई यह है कि यह योजना गरीबों को नहीं, बल्कि सोलर पैनल निर्माता उद्योगपतियों और भाजपा से जुड़े ठेकेदारों को सीधा लाभ पहुँचाने का जरिया बन रही है।
मैं पूछता हूँ क्या गरीबों के पास इतनी पूंजी है कि वो पहले खुद भुगतान करे और बाद में सब्सिडी की उम्मीद करे?
या फिर यह योजना भी उन्हीं के लिए है, जिनके पास पहले से संसाधन हैं?
यह योजना राहत नहीं, गुमराह करने का माध्यम है।







