Raipur.Chhattisgarh Budget Session: छत्तीसगढ़ में सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने छत्तीसगढ की 6वीं विधानसभा के दूसरे सत्र को संबोधित किया। विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल हरिचंदन का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और संसदीय कार्य मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्वागत किया। छत्तीसगढ़ सरकार की अब तक की उपलब्धियों को राज्यपाल ने सदन में गिनवाया।

यहां पढ़ें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के अभिभाषण से जुड़े प्रमुख बिंदू
- राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने सबसे पहले कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के वर्ष 2024 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आपका हार्दिक अभिनंदन करता हूं। आप सभी को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा का गठन दिसम्बर 2023 में हुआ था। 20 दिसम्बर 2023 को नवगठित विधानसभा के प्रथम सत्र के अपने अभिभाषण में मैंने कहा था कि मेरी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री माननीय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी तथा वर्तमान प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के आदर्शों और सिद्धांतों के अनुसार छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया दौर प्रारंभ करने के लिए संकल्पबद्ध है। मुझे खुशी है कि अल्प अवधि में मेरी सरकार ने जनता से किए गए वादे पूर्ण करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिसके कारण प्रदेश में न्याय, राहत और विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
- राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि मेरी सरकार ने ‘समृद्ध किसान-संपन्न प्रदेश‘ की अवधारणा पर तेजी से अमल साल के धान के बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि अंतरित कर दी गई है।
राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का वादा भी निभाया गया और धान खरीदी की पारदर्शी और सुगम व्यवस्था भी की गई, जिससे इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अब तक का सर्वाधिक धान खरीदी का कीर्तिमान स्थापित हुआ है।
- राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि ‘जनजाति उत्थान-प्रदेश का मान‘ ध्येय वाक्य अनुसूचित जनजाति के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं पर मेरी सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को प्रकट करता है। बच्चों की शिक्षा से लेकर पूरे समुदाय की संस्कृति, स्वास्थ्य, आवश्यक अधोसंरचना, रोजगार, जीवन स्तर उन्नयन जैसे सभी विषयों पर तेजी से काम किया जाएगा।
- राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के द्वारा पीवीटीजी अर्थात् विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों (बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं अबूझमाड़िया) को मूलभूत सुविधाओं जैसे-पक्के आवास गृह, संपर्क सड़कें, छात्रावास का निर्माण, शुद्ध पेयजल, विद्युतीकरण, बहुउद्देशीय केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा वनधन केन्द्रों का निर्माण, मोबाइल टॉवर की स्थापना, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल से परिपूर्ण करने हेतु मेरी सरकार कृत संकल्पित है। पीएम जनमन महाअभियान के अंतर्गत विशेष रूप से संरक्षित जनजातियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार एवं दवा वितरण हेतु 66 चलित चिकित्सा इकाई वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।
राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि तेन्दूपत्ता, महुआ, इमली सहित सभी लघु वन उपजों से जुड़े आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने को मेरी सरकार उच्च प्राथमिकता देगी। तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रूपये प्रति मानक बोरा तथा संग्राहकों को 4500 रूपये तक बोनस प्रदाय किए जाने हेतु मेरी सरकार कटिबद्ध है। संग्राहकों और उनके परिवारजनों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा जो उनके स्वास्थ्य, शिक्षा व चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इसके साथ ही विकास के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, नई संभावनाओं, नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए स्थानीय रहवासियों को सक्षम बनाया जाएगा।
- राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना‘‘ के लाभ से वंचित लगभग 18 लाख हितग्राहियों को पक्के आवास उपलब्ध कराने का निर्णय कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। इससे ग्रामीण अंचलों में आवासहीन परिवारों को नया जीवन मिलेगा। वहीं मेरी सरकार घर-घर निर्मल जल पहुंचाने के लिए श्जल जीवन मिशनश् के कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु अग्रसर हुई है। यह मेरी सरकार की न्यायप्रियता और संवेदनशील नजरिए की एक बड़ी मिसाल है।
राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि राजिम कुंभ (कल्प) 3 जीवनदायिनी नदियों का त्रिवेणी संगम ही नहीं है बल्कि इसके माध्यम से आस्था, समरसता और स्थानीय विकास की त्रिवेणी भी विकसित हुई थी। देश और दुनिया के तीर्थ मानचित्र में राजिम कुंभ (कल्प) को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिलाने में मेरी सरकार निरंतर प्रयासरत् है।
अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा से पूरी दुनिया में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का संचार हुआ है, जिसे और अधिक बढ़ाने हेतु मेरी सरकार द्वारा 5000 पंजीकृत रामायण मंडली, भजन मंडली को प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। मेरी सरकार छत्तीसगढ़वासियों के लिए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का वादा निभाने जा रही है। इस योजना के तहत प्रति वर्ष हजारों तीर्थयात्री अयोध्या धाम सहित काशी विश्वनाथ मंदिर, कॉरिडोर आरती का दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
- छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र होना प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। वन संसाधन प्रदेश के पर्यावरण संतुलन और अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेरी सरकार कैम्पा मद सहित विभिन्न वित्तीय संसाधनों का उपयोग वनों के साथ वन संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन में करेगी। वनवासियों तथा वन आश्रितों के लिए पर्यावरण सम्मत आजीविका के साधन विकसित किए जाएंगे। संयुक्त वन प्रबंधन के माध्यम से वन के प्रबंधन में वनवासियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही हमने ‘‘प्रोजेक्ट बघवा‘‘ 6 की शुरूआत कर बाघों की जनसंख्या को बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
- मेरी सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास की रणनीति बनाई है, जिसके तहत स्कूल से कॉलेज तक गुणवत्तापूर्ण-संस्कारयुक्त-रोजगारपरक शिक्षा अधोसंरचना का विकास किया जाएगा। विद्यार्थियों को नवाचार और रचनात्मक कार्यों में दक्ष बनाने के लिए साइंस सेंटर रायपुर में ‘‘इनोवेशन हब‘‘ की स्थापना का कार्य पूर्ण किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में वहां की विशेषताओं के अनुरूप खेल अकादमी, खेलो इंडिया लघु केन्द्र, खेल स्टेडियम आदि सुविधाओं का समुचित विकास किया जाएगा। किए गए वादे अनुरूप संपूर्ण प्रदेश में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने हेतु मेरी सरकार ठोस कदम उठा रही है।
- राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मेरी सरकार ने सीबीआई जांच का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को शासकीय सेवाओं में भर्ती हेतु अधिकतम आयु सीमा की छूट अवधि पांच वर्षों के लिए बढ़ा दी गई है। मेरा विश्वास है कि इन कदमों से विद्यार्थियों और युवाओं का विश्वास लौटेगा और वे नए सिरे से हर क्षेत्र में प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे।
- मेरी सरकार महिलाओं और शिशुओं की समुचित देख-रेख, सुरक्षा और स्वस्थ विकास के प्रति सजग है। कुपोषण की रोकथाम के लिए ‘‘मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना‘‘, ‘‘वजन त्यौहार‘‘, ‘‘पूरक पोषण आहार योजना‘‘, ‘‘रेडी-टू-ईट पोषण आहार‘‘ जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से सफलता के अनेक सोपान तय किए गए थे। इन्हें अब आगे बढ़ाने तथा इनमें नए आयाम जोड़ने के लिए मेरी सरकार तत्पर है। ‘‘सखी-वन-स्टाप सेंटर‘‘, ‘‘महिला हेल्प लाइन‘‘, ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना‘‘, ‘‘छत्तीसगढ़ महिला कोष‘‘, ‘‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘‘ जैसी सुविधाओं का विस्तार बेहतर रूप में किया जाएगा। मेरी सरकार मातृ शक्ति को सम्मान और अधिकार प्रदान करने के लिए समुचित योजनाएं संचालित करेगी।





