
- संघ ने उठाया ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक वेतनमान’ का मुद्दा, अन्य राज्यों की तर्ज पर वेतन विसंगति दूर करने की मांग
- ओ.पी. चौधरी जी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक सुधार, लेकिन 50 सालों से लंबित मांगों पर कार्यवाही न होने से कर्मचारियों में मायूसी
- NIC की तकनीकी खामियों के कारण पंजीयन अधिकारियों को झेलना पड़ता है जन-आक्रोश, तुरंत सुधार की मांग
रायपुर, 19 जुलाई 2026:
छत्तीसगढ़ पंजीयन एवं मुद्रांक अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ का वार्षिक अधिवेशन 18 जुलाई 2026 को रायपुर के मायरा रिसोर्ट एंड कन्वेंशन सेंटर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में प्रदेश भर से आए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जहां सांगठनिक मजबूती, वेतन विसंगति और तकनीकी समस्याओं पर गंभीर मंथन किया गया।
ओ.पी. चौधरी जी के नेतृत्व में हुए अभूतपूर्व सुधार, पर 50 सालों की मांगें अब भी अधूरी
अधिवेशन में प्रदेश भर से जुटे सदस्यों ने एक सुर में कहा कि माननीय वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के कुशल नेतृत्व में विभाग में पिछले ढाई वर्षों की अल्पावधि में जनता के हित में इतने क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं, जो पिछले 50 सालों में नहीं हुए थे। पंजीयन विभाग के मैदानी अधिकारियों व कर्मचारियों ने इन परिवर्तनों को पूरे समर्पण के साथ क्रियान्वित किया, फलीभूत किया और आत्मसात किया है।
परंतु, सदस्यों ने इस बात पर गहरा आक्रोश और दुख भी व्यक्त किया कि रजिस्ट्री विभाग एकमात्र ऐसा शासकीय विभाग है, जहां इतने महत्वपूर्ण वैधानिक काम को रोज के रोज तुरंत पूरा किया जाता है। माननीय मुख्यमंत्री और माननीय मंत्री जी की मंशानुरूप क्रेता के हक में विक्रय विलेख (सेल डीड) का तुरंत नामांतरण (म्यूटेशन) भी किया जा रहा है। इसके बावजूद, पंजीयन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की 50 सालों से लंबित जायज मांगों पर शासन-प्रशासन स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
NIC की तकनीकी समस्याओं के कारण झेलना पड़ रहा जन-आक्रोश
कर्मचारियों ने अधिवेशन में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया कि एन.आई.सी. (NIC) द्वारा सॉफ्टवेयर व सर्वर की तकनीकी समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं किया जाता। सर्वर डाउन रहने या तकनीकी कमियों के कारण पंजीयन कार्य प्रभावित होता है, जिसकी वजह से मैदानी स्तर पर पदस्थ पंजीयन अधिकारियों को अकारण ही जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ता है। संघ ने मांग की है कि एन.आई.सी. की इन तकनीकी खामियों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
विरेंद्र कुमार श्रीवास के निर्भीक नेतृत्व पर पुनः भरोसा, मांगों के लिए सौंपे गए अधिकार
वर्तमान अध्यक्ष श्री विरेंद्र कुमार श्रीवास के यशस्वी व निर्भीक नेतृत्व, ऐतिहासिक विभागीय उपलब्धियों और संगठन के हित में उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन की महती आवश्यकता को देखते हुए, संघ के समस्त सदस्यों ने सर्वसम्मति से उन्हें पुनः निर्विरोध प्रांतीय अध्यक्ष चुना। सभी सदस्यों ने पुनः निर्वाचित अध्यक्ष से गुजारिश की है कि वे इन 50 वर्षों से लंबित मांगों और वेतन विसंगति के निराकरण के लिए माननीय मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से अविलंब बातचीत कर रास्ता निकालें।
‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक वेतनमान’ का संकल्प
अधिवेशन में संघ ने राज्य में ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक वेतनमान’ को लागू करने का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने कहा कि उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) का पद ‘इंडियन रजिस्ट्रेशन एक्ट’ के तहत सृजित होता है, जो पूरे भारत में एक समान है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में पंजीयन अधिकारियों का वेतनमान दूसरे राज्यों की तुलना में बेहद कम है। मध्य प्रदेश में भी उप पंजीयकों की वेतन विसंगति दूर हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में उप पंजीयक का वेतनमान डिप्टी कलेक्टर के समकक्ष है। संघ ने छत्तीसगढ़ में भी इस विसंगति को तत्काल दूर करने की मांग की है।
**पंजीयन एवं मुद्रांक अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ की नवीन कार्यकारिणी
- अध्यक्ष: श्री वीरेंद्र श्रीवास
- उपाध्यक्ष: श्रीमती मंजूषा मिश्रा एवं श्री सुशील देहारी
- सचिव: श्री मुकेश अजापाल
संरक्षक:** श्री वन्शपति सिंह एवं श्रीमती पावरेज मिंज - सहसचिव: श्री सिद्धार्थ शंकर मिश्रा
- कोषाध्यक्ष: श्री दिग्विजय चुरेन्द्र
- सह कोषाध्यक्ष: श्री दिलीप कोसरिया
- प्रेस / मीडिया सचिव: श्री बृजेश शुक्ला एवं श्री अमित शुक्ला
सलाहकार:** श्रीमती लिली पुष्पलता - तकनीकी एवं विधि प्रकोष्ठ: श्रीमती शशि पात्रे खुटियारे, श्री विप्लव श्रीवास्तव, श्री आकाश देवांगन, श्री शशांक गोयल, श्री भुपेंद्र कुर्रे एवं श्री भूपेश मिश्रा
- कानूनी सलाहकार: श्री देवराज साव, श्री अमित शुक्ला एवं श्री सिद्धार्थ शंकर मिश्रा
- प्रवक्ता: श्री आतिश देवांगन एवं श्री शशिकांत गढ़ेवाल
- कार्यकारिणी सदस्य: श्रीमती लक्ष्मी पाण्डेय, श्री प्रतीक खेमुका, श्री अश्विनी गढ़ेवाल, श्री आतिश देवांगन, श्री रणवीर किरार, श्री रविशंकर देवांगन, श्रीमती रश्मि सोनी, श्रीमती सरोज चक्रवती, श्रीमती हर्षा दुबे, श्रीमती पारुल अवस्थी मिश्रा, श्री दानिश खान, श्री हर्ष साहू।
मैदानी स्तर पर संघ के विस्तार के लिए क्षेत्रीय सचिव के चुनाव हेतु केंद्रीय अध्यक्ष महोदय को अधिकृत किया गया है। इसके पूर्व, सत्र की शुरुआत में सेवानिवृत्त सदस्यों का शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर आत्मीय सम्मान किया गया तथा नवीन सदस्यों का स्वागत किया गया।






