छत्तीसगढ़ के सपूत मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में किया सम्मानित, सैन्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला देश का प्रतिष्ठित अलंकरण

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सम्मान का क्षण तब आया जब प्रदेश के पाटन से जुड़े मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को 29 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारतीय सेना में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, विशिष्ट सेवाओं और राष्ट्र के प्रति असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।

मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा, श्री अश्वनी कुमार मिश्रा एवं श्रीमती चम्पा बाई मिश्रा के सुपुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़िया समाज और ब्राह्मण समाज ने इसे प्रदेश के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय बताया है।

वर्ष 1989 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले मेजर जनरल शर्मा ने लगभग चार दशकों तक देश की सेवा करते हुए अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, सियाचिन, कारगिल और पूर्वोत्तर भारत जैसे अत्यंत चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवा दी तथा अनेक आतंकवाद-रोधी और उग्रवाद-रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वे भारतीय सेना के प्रशिक्षित हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं और विभिन्न परिचालन अभियानों में हेलीकॉप्टर उड़ाकर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

मेजर जनरल शर्मा ने लगभग साढ़े तीन वर्षों तक फ्रांस में भारत के रक्षा अताशे (Defence Attaché) के रूप में भी कार्य किया। उनके दायित्वों में फ्रांस के साथ-साथ बेल्जियम, नीदरलैंड्स और लक्ज़मबर्ग भी शामिल थे। उनके कार्यकाल के दौरान भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नई गति मिली। इसी अवधि में राफेल लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन पनडुब्बी जैसी महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके कार्यकाल के दौरान चार बार फ्रांस का दौरा किया, जिनमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूती मिली।

वर्तमान में मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं प्रबंध निदेशक (Managing Director) हैं। उनके नेतृत्व में भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अंतर्गत रूस के सहयोग से भारतीय सेना के लिए छह लाख अत्याधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

इससे पूर्व मेजर जनरल शर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो बार सेना मेडल तथा विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है। अति विशिष्ट सेवा मेडल उनके सैन्य जीवन का चौथा प्रमुख राष्ट्रीय सैन्य सम्मान है।

मेजर जनरल शर्मा का परिवार भी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सपना शर्मा दिल्ली में एक प्रतिष्ठित लक्ज़री कंसल्टेंट हैं। उनकी दोनों पुत्रियाँ, आरज़ू शर्मा और जिया शर्मा, दुबई में अपने-अपने पेशेवर क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

छत्तीसगढ़ के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सम्मान न केवल एक सैनिक अधिकारी का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और प्रदेश की उस परंपरा का सम्मान है, जिसने देश को अनेक योग्य सैनिक, प्रशासक और राष्ट्रसेवक दिए हैं।

मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। यह संदेश देती है कि समर्पण, अनुशासन, उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट निष्ठा के बल पर देश के सर्वोच्च सम्मानों तक पहुँचा जा सकता है। आज सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ अपने इस गौरवशाली सपूत को हृदय से बधाई देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।