वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज….दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11,300 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार

कबीरधाम के प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे का 600 से अधिक ऑडियो कंटेंट में योगदान

पण्डरिया।शिक्षा में समावेशिता, नवाचार और तकनीक के सार्थक उपयोग की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अभिनव कार्य को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11,300 से अधिक शैक्षणिक ऑडियो बुक्स एवं ऑडियो कंटेंट तैयार किए गए हैं।


इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में हुई। स्वयं दिव्यांग शिक्षिका के. शारदा ने इस पहल को नई दिशा देते हुए अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार की हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लगभग 30 शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ विद्यार्थियों के लिए ऑडियो अध्ययन सामग्री तैयार करने में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
600 से अधिक ऑडियो कंटेंट बनाकर शिवकुमार बंजारे ने दी सहभागिता इस उल्लेखनीय अभियान में कबीरधाम जिले के पण्डरिया विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला केशलीगोड़ान के प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई है। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक एवं ज्ञानवर्धक विषयों पर 600 से अधिक ऑडियो कंटेंट तैयार किए हैं।


शिवकुमार बंजारे द्वारा तैयार ऑडियो सामग्री में ‘मोर छत्तीसगढ़ मोर गौरव’ श्रृंखला, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की कक्षा 12वीं हिंदी की ‘आरोह’ एवं ‘वितान’, कक्षा 8वीं की ‘मल्हार’, छत्तीसगढ़ बोर्ड कक्षा 5वीं अंग्रेजी, ‘आपदा प्रबंधन और बचाव’, छत्तीसगढ़ी कहानी ‘नैतिक शिक्षा के गोठ’ तथा ‘महिला भल योजना’ सहित विभिन्न विषयों की ऑडियो सामग्री शामिल है।


राज्यपाल के हाथों टीम को मिला सम्मान
वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए लोकभवन, रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में माननीय राज्यपाल श्री रामेन डेका एवं गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा द्वारा टीम को सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा में तकनीक के अभिनव उपयोग और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे सामूहिक प्रयास की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।


सुनकर सीखने की नई राह
ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री सहज, सरल और सुलभ रूप में उपलब्ध हो रही है। वहीं सामान्य विद्यार्थी भी ‘सुनकर सीखने’ की आधुनिक एवं प्रभावी पद्धति का लाभ उठा रहे हैं। यह पहल शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ, तकनीक-सम्मत और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में अनुकरणीय प्रयास बनकर उभरी है।


107 से अधिक प्लेलिस्ट, लाखों बार देखा गया चैनल
वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक शैक्षणिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं। चैनल की ऑडियो-विजुअल सामग्री को अब तक 8 लाख 12 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।


वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि शिक्षा के क्षेत्र में ‘तकनीक से समावेशिता और नवाचार से समान अवसर’ की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत करती है। टीम का लक्ष्य आने वाले समय में प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण एवं सहज शैक्षणिक सामग्री पहुंचाना है।