बच्चों ने प्रकृति को बनाया अपनी पाठशाला,पौनी स्कूल में गतिविधि आधारित नवाचारी शिक्षण का आयोजन


पंडरिया-सुपर शनिवार गतिविधि दिवस पर शासकीय प्राथमिक शाला पौनी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप अनुभवात्मक, गतिविधि-आधारित एवं नवाचारी शिक्षण का आयोजन किया गया। प्रधानपाठक वासुदेव सिंह ने शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष समलिया साहू तथा ग्रामीणों अशोक यादव, सूरज यादव एवं छोटेलाल के सहयोग से बच्चों को गांव के प्राकृतिक परिवेश में ले जाकर जड़ एवं पत्ती का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया।
इस गतिविधि में बच्चे केवल श्रोता नहीं, बल्कि खोजकर्ता और सहभागी बने। बच्चों ने स्वयं आसपास के पौधों की पत्तियां एवं जड़ों का अवलोकन किया, उनकी पहचान की, आपस में तुलना की और उन्हें एकल, जोड़ीदार एवं गुच्छेदार पत्ती, मूसला एवं रेशेदार जड़ तथा समानांतर एवं जालीदार नाड़ी विन्यास के आधार पर वर्गीकृत किया। बच्चों ने अपने साथियों के सामने अपने अवलोकन साझा किए और प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस प्रत्यक्ष अनुभव से बच्चों में अवलोकन क्षमता, तर्कशक्ति, वर्गीकरण कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अभिव्यक्ति कौशल एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ। प्रकृति के बीच सीखने से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जुड़ाव और संरक्षण की भावना भी मजबूत हुई।
गतिविधि का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव यह रहा कि बच्चों ने किताब में पढ़े विषय को अपने गांव और आसपास के पौधों से जोड़कर स्वयं खोजते हुए सीखा। इससे सीखना आनंददायक, स्थायी और जीवनोपयोगी बना। यह पहल इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि स्थानीय परिवेश, समुदाय और बच्चों की सक्रिय भागीदारी को जोड़कर शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।