पाटन।पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के उद्देश्य से ग्राम बेलौदी के प्रसिद्ध वेटलैंड (आर्द्रभूमि) में एक विशेष क्लीनलीनेस (स्वच्छता) ड्राइव चलाया गया। इस अभियान में वानिकी महाविद्यालय सांकरा के बीएससी चतुर्थ वर्ष के छात्र छात्राओं के साथ वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एवं वेटलैंड मित्र राजू वर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने न केवल श्रमदान किया, बल्कि कैमरे की नजर से आर्द्रभूमि के महत्व और वन्यजीवों के अंतर्संबंधों को बेहद सरल शब्दों में विद्यार्थियों के सामने रखा।

लगभग 2 घंटे चके सफाई अभियान में वेटलैंड और उसके आस-पास फैले प्लास्टिक, कांच की बोतलें और अघुलनशील कचरे को साफ किया।बांध के किनारों से गंदगी हटाने का मुख्य उद्देश्य यहाँ आने वाले प्रवासी और स्थानीय पक्षियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देना रहा।
राजू वर्मा ने वेटलैंड्स के महत्व को बताते हुए कहा कि वेटलैंड ‘प्रकृति का गुर्दा (किडनी)’ है। यह पानी को प्राकृतिक रूप से साफ करता है, भूजल स्तर को बढ़ाता है और बाढ़ जैसी आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करता है।उन्होंने बताया कि बेलौदी वेटलैंड हर साल ठंड के दिनों में विदेशी और स्थानीय प्रवासी पक्षियों का घर बनता है। आर्द्रभूमि केवल पानी का स्रोत नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण इकोसिस्टम है। यहाँ की मछलियाँ, जलीय पौधे और पक्षी आपस में जुड़े हुए हैं।
सफाई अभियान के दौरान वेटलैंड क्षेत्र में टिटहरी के घोसले में अंडे मिले जिसे विद्यार्थियों ने अवलोकन किया और टिटहरी के व्यवहार का अध्यन किया साथ ही अन्य ग्राउंड बर्ड जैसे लार्क, पिपिट,रिंग प्लोवर आदि पक्षियों बारे में विस्तार से जाना।






