पाटन। सरकार एक ओर जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण और परिवार नियोजन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में कंडोम के बॉक्स खाली होने की स्थिति सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

परिवार नियोजन के लिए सरकार द्वारा लोगों को निःशुल्क गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग लोगों को छोटे परिवार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान भी चलाता है। लेकिन यदि स्वास्थ्य केंद्र में ही कंडोम उपलब्ध नहीं हैं, तो परिवार नियोजन के सरकारी प्रयासों का जमीनी असर कैसे सुनिश्चित होगा, यह सवाल उठना स्वाभाविक है।

आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल

सीएचसी पाटन में कंडोम के बॉक्स खाली होने की स्थिति से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भनिरोधक सामग्री के स्टॉक की नियमित निगरानी की जा रही है? यदि स्टॉक समाप्त हो गया था तो इसकी समय पर आपूर्ति क्यों नहीं की गई?
ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि जरूरतमंद लोगों को इन्हीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से निःशुल्क सामग्री मिलने की उम्मीद रहती है। ऐसे में बॉक्स खाली रहने से परिवार नियोजन की सुविधा लेने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अब स्वास्थ्य विभाग से जवाब की उम्मीद
लोगों का कहना है कि सरकार को परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक गर्भनिरोधक साधनों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि सीएचसी पाटन में कंडोम के बॉक्स खाली क्यों हैं, स्टॉक कब खत्म हुआ और नई आपूर्ति कब तक होगी? स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या जवाब देता है, इस पर लोगों की नजर है।






