बालोद। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने बुधवार को जिला मुख्यालय के जयस्तंभ चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक प्रकरण, छात्रों के समर्थन में आंदोलन, कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं की गिरफ्तारी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि नीट पेपर लीक की घटना ने देशभर के करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज कर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश की गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेना केंद्र सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

संजारी-बालोद विधायक एवं महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
कांग्रेस ने सरकार से पूछे चार सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के सामने चार प्रमुख सवाल भी रखे—
नीट पेपर लीक के जिम्मेदारों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई?
छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसके निर्देश पर दिया गया?
छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी कब स्वीकार करेंगे?
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और विपक्ष की आवाज दबाने के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा, रामजी भाई पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, धीरज उपाध्याय, युवराज साहू, सतीश यादव, शंभू साहू, अंचल प्रकाश साहू, नरेंद्र सिन्हा, जीवन बंदे, राजकुमार प्रभाकर, कासिमुद्दीन कुरैशी, विनोद बंटी शर्मा, सुमित शर्मा, सुनील मालेकर, रीता सोनी, अनिल यादव, कमलेश श्रीवास्तव, वैभव साहू, दाऊद खान, कमल टुवानी, रविप्रकाश यादव, भूपेश नायक, प्रशांत बोकड़े, साजन पटेल, पद्मिनी साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।





