अंडा।श्रीराम मंदिर, अयोध्या में चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के अटल चौक अंडा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया और हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर भाजपा और आरएसएस के सद्बुद्धि की कामना किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुकेश चंद्राकर ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं। इतिहास में सोमनाथ मंदिर को मोहम्मद गजनवी ने लूटा था। उस समय भी गुजरात का शासन था और आज श्रीराम मंदिर, अयोध्या के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, तब भी देश का नेतृत्व गुजरात से है। यह एक गंभीर संयोग है, लेकिन उससे भी बड़ा प्रश्न यह है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही है।

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) स्वयं को श्रीराम का सबसे बड़ा हितैषी बताते हैं, लेकिन इस प्रकरण पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि वे वास्तव में भगवान श्रीराम के प्रति समर्पित हैं, तो उन्हें भी निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। भगवान श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं। यह जनता के मन में उठ रहे सवालों और अविश्वास को दर्शाता है। लोकतंत्र और धार्मिक संस्थाओं—दोनों में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।”

जिला उपाध्यक्ष टिकेश्वरी देशमुख ने मंच संचालन करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अस्वीकार्य है। मंदिरों में चढ़ाया गया दान श्रद्धा का प्रतीक होता है, इसलिए उसकी एक-एक राशि का पारदर्शी हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
जिला उपाध्यक्ष रिवेंद्र यादव ने कहा कि जो लोग हर चुनाव में भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगते हैं, वे आज श्रीराम मंदिर से जुड़े गंभीर आरोपों पर मौन क्यों हैं? जनता जवाब चाहती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जिला महामंत्री प्रदीप चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव सत्य, पारदर्शिता और जवाबदेही की पक्षधर रही है। श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिला महामंत्री जामवंत गजपाल ने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने वालों को पहले यह बताना चाहिए कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो जांच से डर क्यों है? सत्य सामने लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अंत में प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए तथा धार्मिक संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। कांग्रेसजनों ने कहा कि आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष, रिवेंद्र यादव, निरंजन राजपूत, टिकेश्वरी देशमुख, सरपंच अंडा दिग्विजय सिन्हा, जामवंत गजपाल, प्रदीप चंद्रकार, पिलेश्वर साहू, प्रवीण चन्द्राकर, तेजराम चौहान, अजय कुमार चंद्राकर, किशोर चंद्राकर, पिलेश्वर निर्मलकर, डोमेन्द्र निसाद, अरविन्द चंद्राकर, रोहित साहू, देवराज चतुर्वेदी, तारक राम सिन्हा, देवलाल बेलचन्दन, अलखराम साहू, रामचंद्र साहू, ,गजानंद साहू, रामसिंह चंद्राकर, मीना बाई सूर्यवंशी, मुकेश देवांगन, भोजलाल देशमुख, निशांत चंद्राकर, गौतम चंद्राकर, जय साहू, पालेश्वर ठाकुर, श्यामाचरण मनहर, तारकेश्वर, करण साहू, बिश्वा राम तारक,, पूरेश कुमार दिल्लीवार सहित बड़ी संख्या कांग्रेसजन मौजूद रहे।






