चुनकट्टा। ग्राम चुनकट्टा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कथा पंडाल भक्तों से पूरी तरह भरा रहा और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना रहा।
कथावाचक आचार्य आशुतोष वैष्णव ने समुद्र मंथन प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जीवन में सफलता के लिए धैर्य, परिश्रम और सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैसे देवताओं और असुरों ने मिलकर अमृत प्राप्त किया, उसी प्रकार मनुष्य को भी संघर्ष के बाद ही सफलता मिलती है।
इसके पश्चात भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर जय श्रीराम और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा बैठने, पेयजल एवं प्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करने की अपील की।







