अर्णव तूफान ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, धान की फसल बर्बाद होने से बढ़ी चिंता, सरकार किसानों की सुध ले, नुकसान का सर्वे कराकर तत्काल मुआवजा दे : आभास दुबे

पाटन। अर्णव तूफान के प्रभाव से क्षेत्र में हुई तेज हवाओं और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के चलते धान की फसल खेतों में बिछ गई है, वहीं बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पूरे साल कड़ी मेहनत, लागत और कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने अब आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है।

पाटन ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में अर्णव तूफान का असर देखने को मिल रहा है। किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ धान की फसल तैयार की थी। फसल पककर कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन ऐन कटाई के समय मौसम ने करवट ले ली। तेज हवा और बारिश के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो खेतों में गिरी फसल के दाने खराब होने और उत्पादन में कमी आने की आशंका है।

इस मामले को लेकर नगर पंचायत पाटन के नेता प्रतिपक्ष आभास दुबे ने शासन-प्रशासन से किसानों के हित में तत्काल पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अर्णव तूफान और बेमौसम बारिश से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान पहले ही खेती की लागत, खाद-बीज और मजदूरी के बढ़ते खर्च से परेशान हैं। ऐसे में तैयार फसल बर्बाद होना उनके लिए दोहरी मार है।

आभास दुबे ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित गांवों में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। सर्वे प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी प्रभावित किसान का नाम छूटने न पाए। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें नियमानुसार शीघ्र मुआवजा एवं फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए।

उन्होंने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। उनकी मेहनत से ही अन्न का उत्पादन होता है। प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द राहत प्रदान करनी चाहिए।

अब किसानों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। किसानों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन जल्द ही खेतों में हुए नुकसान का आकलन कर राहत राशि उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, ताकि संकट की इस घड़ी में अन्नदाताओं को कुछ राहत मिल सके।