पखांजूर। सिविलअस्पताल में एक सात वार्षिय बच्चे की मौत का मामला सामने आया हैं परिजनों से मिली जानकरी के अनुसार पी. वी १२१ जानकीनगर के निवासी रतन सरकार अपने सात वर्षीय भांजे को लेकर बुधवार को इलाज करने के लिए पखांजूर सिविल अस्पताल में डाक्टर के पास गये हुये थे बच्चे के गले में टॉन्सिल और सर्दी बुखार होने पर उसे इलाज के लिए पखाजूर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, परिजनों का कहना है कि बच्चा सुबह बिलकुल ठीक था अस्पताल में दूसरे बच्चो के साथ खेल भी रहा था जिसके बाद सिस्टर के द्वारा बुखार के लिए बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया जिसके कुछ ही देर बाद बच्चे की अचानक मौत हो गई परिजनों ने बताया की इलाज पखांजूर सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर दिलीप सिन्हा द्वारा किया जा रहा था परिजनों ने बताया की नर्स द्वारा इजेक्शन लगाने के पूर्व बच्चा बिलकुल स्वास्थ था अचानक जान जाने का कारण समझ से परे है परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि नर्स द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने के कारण मासूम बच्चे की जान गई है,

दिलीप सिन्हा
बी. एम . ओ
कोयलीबेड़ा का कहना हैं की इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है नर्स द्वारा बुखार कम होने का इंजेक्शन लगाया गया था जिसके बाद परिजनों द्वारा बच्चे को पानी पिलाया गया , बच्चे के स्वास नली में पानी जाने से दम घुटने से मौत हुई हैं ……







