रायपुर।
छत्तीसगढ़ यादव संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कोसरिया अहीर यादव सेवा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राऊत नाच आधुनिकीकरण प्रशिक्षण शाला की स्थापना हेतु छत्तीसगढ़ राज्य शासन से 5 एकड़ भूमि एवं 5 करोड़ रुपये की मांग की है। यह मांग प्रेस वार्ता के माध्यम से रखी गई।
आज 30 जनवरी 2026 को रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि राऊत नाच छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोकसंस्कृति की पहचान है, जिसे संरक्षित और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए स्थायी प्रशिक्षण शाला की स्थापना समय की मांग है।
प्रेस वार्ता में आगामी गहिरा–मंडई मेला की भी जानकारी दी गई, जो 1 फरवरी को आयोजित होगा। मेले का शुभारंभ पूजा-अर्चना के पश्चात किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधानसभा विधायक श्री सुनील सोनी एवं रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगे। साथ ही वरिष्ठ यादव समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति भी रहेगी।
प्रेस वार्ता में श्रीमती करुणा यादव (अध्यक्ष, श्रीकृष्ण भगवान मंदिर अहीर समाज रायपुरा ट्रस्ट), श्री रोम नाथ यादव (जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ कोसरिया अहीर यादव सेवा समाज, रायपुर), श्री मंगलू यादव (वरिष्ठ समाजसेवी), श्री कन्हैया यादव (सचिव, रायपुर नगर युवा प्रकोष्ठ) तथा 7वें गहिरा–मंडई के संयोजक एवं गहिरा गुरु श्री राजेश यादव उपस्थित रहे।
समाज के प्रतिनिधियों ने शासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा करते हुए कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।







