नगर निगम भिलाई, रिसाली, भिलाई-3 चरौदा एवं नगर पालिका जामूल में वार्ड आरक्षण प्रक्रिया होगी प्रारम्भ

दुर्ग।कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि प्रकरणों के निराकरण में कार्यदक्षता एवं पारदर्शिता बढ़ाने शासन द्वारा ई-ऑफिस प्रक्रिया लागू की गई है। उक्त प्रक्रिया के अंतर्गत मूल्यांकन पश्चात् उत्कृष्ट प्रदर्शन पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी को मंत्रालय स्तर पर पुरस्कृत किया जा रहा है। यह व्यवस्था अब जिलों में भी अगस्त माह से ई-फाईलों की मॉनिटरिंग के साथ प्रारंभ की जाएगी और मूल्यांकन पश्चात् जिला स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारी पुरस्कृत होंगे।

कलेक्टर श्री सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कही। उन्होंने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों के संबंध में विभागवार गहन समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ई-ऑफिस में फाईलों को अनावश्यक रूप से लंबित ना रखे तथा आवश्यकतानुसार क्लोज एवं पार्क विकल्प का उपयोग कर उनका नियमित प्रबंधन सुनिश्चित करें। जिन फाईलों का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा जिन पर आगे कोई कार्यवाही आपेक्षित नहीं है, उन्हें क्लोज करें। इसी प्रकार जिन फाइलों पर वर्तमान में कार्य संभव नहीं है अथवा किसी सूचना, अनुमोदन या अन्य कार्यवाही की प्रतिक्षा है, उन्हें पार्क करें। आवश्यकता के अनुसार 15 दिन या उपर्युक्त अवधि के लिए पार्क टिल डेट (पार्क होने तक की तिथि) निर्धारित की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर पार्क की गई फाईल को अनपार्क तथा क्लोज की गई फाईल को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रि-ओपन किया जा सकता है। कलेक्टर श्री सिंह ने ई-ऑफिस की उक्त प्रक्रिया से अधिकारियों को अधीनस्थ विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को भली-भांति समझाने के निर्देश दिए। साथ ही ई-ऑफिस से संबंधित फाईलें 31 जुलाई 2026 तक क्लोज कर लेने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की आधार बेस अटेंडेंस पर जोर देते हुए सभी कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा आगामी माह से वेतन भुगतान आधार बेस अटेंडेंस पर निर्धारित करने का विचार किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि पीजी पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन, ई-समाधान, मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन शिकायत के प्रकरणों के निराकरण गंभीरतापूर्वक किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण 50 दिवस से अधिक लंबित नहीं होना चाहिए। समीक्षा के दौरान ग्राम-पंचायतों में अविवादित नामांतरण एवं बंटवारें के बढ़ते लंबित प्रकरणों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित जनपद सीईओ को प्रकरणों का परीक्षण कर निराकृत कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने आगामी दिनों में नगर निगम रिसाली, भिलाई एवं भिलाई-03 चरौदा तथा नगर पालिका जामुल में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए जिला एवं सांख्यिकी अधिकारी को वार्ड आरक्षण के संबंध में आवश्यक जानकारियां संबंधित नगरीय निकायों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के किसानों को मुआवजे के लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने कहा।
उन्होंने सीएमएचओ से आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन योजना के कार्यों की जानकारी ली। साथ ही छुटे हुए लोगों की सूची मिलान कर स्वास्थ्य अमले को लोगों से डोर-टू-डोर संपर्क कर लक्ष्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार समग्र शिक्षा के तहत् स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने, स्कूलों में बाउन्ड्रीवॉल निर्माण तथा जर्जर स्कूलों को डिस्मेंटल कराने आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने कहा कि विभागों को आबंटित भूमि, भू-अर्जन पश्चात् विभाग के नाम से पंजीकृत होनी चाहिए। इस संबंध में संबंधित विभाग आवश्यक पहल करें।
इसी प्रकार ग्राम वासियों की मंशानुरूप ग्राम मर्रा के स्टेडियम का हैंड ओवर खेल विभाग से ग्राम पंचायत को कराने जनपद सीईओ पाटन को निर्देशित किया। बैठक में वन मंडलाधिकारी श्री दिपेश कपिल, एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, श्रीमती सिल्ली थॉमस एवं श्री हरवंश सिंह मिरी, नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई-03 चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम दुर्ग के प्रभारी आयुक्त श्री मोहेन्द्र साहू, एसडीएम दुर्ग (ग्रामीण) श्री महेश सिंह राजपूत, एसडीएम धमधा श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम पाटन श्री उत्तम ध्रुव, एसडीएम दुर्ग शहर श्री प्रफुल्ल गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के ईई श्री ए.के. भट्टाचार्य एवं सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी सहित जिले के समस्त विभाग प्रमुख अधिकारीगण उपस्थित थे।







