डबल इंजन सरकार में भी पीएचई विभाग बेपरवाह, चंदखुरी के केनाल पारा की बदहाल सड़क बनी हादसों की वजह

अण्डा। दुर्ग-बालोद मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम चंदखुरी के केनाल पारा में पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग की लापरवाही लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। विभाग द्वारा पाइपलाइन कार्य के लिए डामरीकृत सड़क को खोदने के बाद उसे नियमानुसार मरम्मत नहीं कराई गई। केवल मिट्टी डालकर छोड़ देने से लगातार बारिश में सड़क धंस गई और अब यहां लगभग दो फीट गहरा गड्ढा बन गया है, जो आए दिन हादसों को न्योता दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय तो वाहन चालक किसी तरह गड्ढे को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में यह गड्ढा दिखाई नहीं देता। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के कारण गड्ढे में पानी भर जाने से इसकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।

इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर और अन्य वाहन चालक आवागमन करते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग ने कार्य पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत कराने में गंभीर लापरवाही बरती है, जिससे आम जनता लगातार परेशान हो रही है।

ग्राम पंचायत चंदखुरी की सरपंच कविता ठाकुर ने बताया कि इस समस्या को लेकर पीएचई विभाग को कई बार लिखित आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

ग्रामीण ने बताया कि इस गढ्ढा कम से कम 2 फिट गढ्ढा हैं दिन मेँ तो दिख जायेगा लेकिन रात में नहीं दिखता पी. ए. ची विभाग आँख मूंदकर नजार देख रहे हैं।
डबल इंजन का सरकार रहते हुए भी शासन प्रसाशन आँख बंद कर बैठे हुए हैं

शिकायतकर्ता नगीना बाई साहू, चंदू साहू, मोतीलाल साहू, किशन विश्वकर्मा, वासु, गजेंद्र देवांगन, जागृत चंद्राकर सहित अन्य लोगों ने पीएचई विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होता है, लेकिन अधूरे और लापरवाहीपूर्ण कार्यों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब तक इस खतरनाक गड्ढे की मरम्मत कर आम जनता को राहत दी जाएगी।