पाटन। महुदा में दश दिवसीय रामकथा के समापन अवसर पर भावुक हुए श्रद्धालु गण वृंदावन धाम से पधारे नन्हे से बालिक देवी अंशिका के मुखाग्रौ से निरंतर दश दिनों तक रामकथा का आयोजन हुआ जिसमें व्यास महराज द्वारा प्रभु श्री रामचन्द्र के जीवन शैली का विस्तार कथा से जनता को सराबोर किया उन्होंने प्रभु राम के बतायें मार्गों पर चलने हेतू निवेदन किया कि किस तरह प्रभु जी ने मानव जिंदगी में कितनी पीड़ा सही चौदह वर्ष वनवास में चलकर दुष्टो का सहार कर धरती का उद्धार किया वही अंतिम दिवश में काफी भावुक पल देखा गया देवी अंशिका ने कहा आप लोगों का प्यार दुलार देखकर मैं काफी प्रसन्न महासुस किया हु अब तो आज अंतिम दीवश है आप लोगों से विदाई का समये है प्रभु जी के बताये रास्तों पर चलना संसार परिवर्तन सील है याहा कभी सुख तो कभी दुख मिलता रहेगा आप सभी हमेशा प्रभु श्री राम के बतायें मार्गो पर चलने हेतू बच्चो को भी प्रेरित करते रहना ईसके बाद अपनी वाणी विराम की जिसके बाद आरती हुए तत्पश्चात रात्रिकालीन भंडारा भोज का आयोजन हुआ रात्रिकालीन बालोद की राम धुनी की भव्य प्रस्तुति हुआ आयोजन कर्ता मनोज साहू ने आयोजन को सफल बनाने हेतू समस्त ग्राम वासीयों का धन्यवाद ज्ञापित किया







