अंडा। धर्म ज्योति सनातन सेवा समिति, दुर्ग ग्रामीण के तत्वावधान में ग्राम बोरीगारका (पाऊवारा) में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तृतीय दिवस पर भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित श्री युवराज पांडेय जी महाराज के श्रीमुख से रामकथा श्रवण करने पंडाल में श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ा।

तृतीय दिवस की कथा का शुभारंभ भगवान शिव और जगदंबा की वंदना के साथ हुआ। आचार्य श्री ने बालकांड का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि सारा संसार राम का भजन करता है, लेकिन राम स्वयं अपने भाई भरत का भजन करते हैं। यही रामचरित मानस की महिमा है।

उन्होंने कहा कि मानस मनुष्य के चरित्र को दर्शाता है। यह एक अद्भुत ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि 24 अवतारों में प्रथम अवतार से लेकर जय-विजय का रावण के रूप में जन्म और जालंधर का द्वितीय जन्म में रावण बनने की कथा का वर्णन किया। मनु और शतरूपा किस रूप में ब्रह्म को देखना चाहते थे, जिस भगवान राम के अंश के समान ब्रह्मा, विष्णु, महेश हैं, उस स्वरूप का वर्णन किया।

कथा में देवराज इंद्र और रावण के महायुद्ध का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि इस युद्ध में रावण को भागना पड़ा था। इंद्र देवताओं के राजा हैं। ज्ञानी बनना बड़ी बात नहीं, ज्ञानी बनकर अज्ञानी न बनना ही बड़ी बात है। बड़े पद मिल जाने पर घमंड और अभिमान नहीं करना चाहिए।
नारद जी की कथा का उल्लेख करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि सिद्धि को हमेशा गोपनीय रखना चाहिए। साधु बनने के लिए दिखावे की आवश्यकता नहीं है। जो सबका भला चाहता है, सबको सुखी देखना चाहता है, वही सच्चा संत है। संसार में सबसे सुंदर पुरुष नारायण हैं, जो पुरुषोत्तम हैं। भगवान से मांगो मत, भगवान को मानो, भगवान को चाहो। भगवान भाव के भूखे हैं, इसलिए भगवान के प्रति अटूट विश्वास रखो।
उन्होंने कहा कि केवल शिवजी पर जल, बेलपत्र, नारियल और ज्योति चढ़ाने से कुछ नहीं होता। रामचरित मानस हमें पग-पग पर शिक्षा देता है। कर्म करो, बिना कर्म के कुछ नहीं मिलेगा। ज्ञान केवल पुस्तकें पढ़ने से नहीं मिलता, गुरु कृपा से मिलता है।
गौ महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गाय हमारी माता है, राष्ट्र माता है, जगत जननी है। गांव में गौ माता में सभी देवी-देवता निवास करते हैं। गाय के गोबर से ही गौरी-गणेश की पूजा होती है। सभी को गौ माता की सेवा करनी चाहिए। केवल गौ माता के नाम पर नारेबाजी न करें, बल्कि सभी के घर में गौ माता का पालन होना चाहिए। पहले स्वयं सुधरें, तभी समाज सुधरेगा। समय बड़ा बलवान है, समय के मूल्य को समझो।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक डॉ. दयाराम साहू, पद्मश्री डॉ. ममता चंद्राकर, प्रेम चंद्राकर, हर्ष साहू, प्रेम चंद साहू, पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत अशोक साहू, नगर पंचायत उतई अध्यक्ष सरस्वती साहू, डिकेन्द्र हिरवानी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगिता चंद्राकर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू, जनपद सदस्य झमित गायकवाड़, डुमरडीह सरपंच धर्मेन्द्र बंजारे, जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी, कमलेश गजपाल, योगनारायण गजपाल, वेदनारायण साहू, रामसिंह सोनबोइर, सरपंच बोरीगारका चुम्मन यादव, जागेश्वर साहू, राजेश साहू, गिरीश साहू, दुष्यंत साहू, दुलरवा सोनबेर, कुलेश्वर जांगड़े मंच संचालक दीपक कौशिक ने किया समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में राम कथा श्रोतागण उपस्थित थे।







