धान कला से दिव्यांग बच्चों को हुनर की नई उड़ान, धान कलाकार चंदू साहू ने सिखाई राखी, बैज और चित्र बनाने की कला

बलौदाबाजार। रायपुर जिले के अभनपुर स्थित नेकी की कुटिया संस्था में दिव्यांग बच्चों के कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था में ऐसे कई बच्चे रहते हैं, जो बोलने, चलने अथवा देखने में असमर्थ हैं। संस्था का उद्देश्य इन बच्चों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

इसी उद्देश्य से संस्था की संचालक योशिता गोस्वामी ने दुर्ग जिले के ग्राम बोरई निवासी प्रसिद्ध धान कलाकार चंद्रप्रकाश साहू (चंदू साहू) को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया। चंदू साहू ने दिव्यांग बच्चों को धान से विभिन्न कलाकृतियां तैयार करने का प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों ने धान से राखी, बैज एवं आकर्षक चित्र बनाने की कला सीखी। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। धान से कलाकृतियां बनाने के इस प्रशिक्षण से बच्चों की कौशल क्षमता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

संस्था का मानना है कि दिव्यांग बच्चों में भी प्रतिभा और हुनर की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें उचित अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे अपनी कला के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि पारंपरिक कलाओं को भी नई पहचान दिला सकते हैं।

धान कलाकार चंदू साहू ने कहा कि बच्चों को धान से जुड़ी पारंपरिक कला का प्रशिक्षण देना उनके लिए भी एक विशेष अनुभव रहा। ऐसे बच्चों को कला से जोड़ना और उनके हुनर को निखारना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नेकी की कुटिया संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों को कौशल प्रशिक्षण देकर उनके भविष्य को बेहतर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य इन बच्चों को पारंपरिक कला से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाना है।