पाटन। जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत ग्राम पंचायत आगेसरा में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों पूर्व जीविकोपार्जन के लिए गांव में आकर बसे कुछ बाहरी कुम्हार परिवार अब सरकारी भूमि पर अधिकार जताते हुए पांच एकड़ जमीन के आवंटन की मांग लेकर उच्च न्यायालय बिलासपुर पहुंच गए हैं। इस मामले को लेकर गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों के अनुसार बाहरी परिवारों ने प्रारंभ में ईंट भट्ठा संचालन और मजदूरी कार्य के लिए गांव में निवास शुरू किया था। धीरे-धीरे उन्होंने सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे इस अतिक्रमण का विरोध करते आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मां वृंदा देवी डिंडा कपाट धाम परिसर के पार्किंग स्थल के रूप में उपयोग की जाने वाली सरकारी भूमि पर भी कब्जा होने की शिकायत ग्रामसभा में उठाई गई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को अतिक्रमण हटाने के लिए धारा 56 के तहत नोटिस जारी किया गया। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए संबंधित पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई है।
ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, सरपंच, सचिव सहित अन्य लोगों को पक्षकार बनाया गया है और न्यायालय में जवाब प्रस्तुत किया जा रहा है।
वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा बनाए रखने के लिए दबाव और धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मूल निवासियों को आबादी भूमि के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि बाहरी लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अधिकार जताया जा रहा है।
मामले को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय से निष्पक्ष सुनवाई करते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा गांव के हितों की रक्षा करने की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें न्यायालय के निर्णय पर टिकी हुई हैं।






