चौरड़िया परिवार का दीवाली मिलन समारोह,बुजुर्गों ने कहा जीवन का असली आनंद संयुक्त परिवार में…


पाटन।विगत 10 वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए इस बार चौरडिया परिवार के चार पीढ़ी ने ओदराग़हन में जंबो रंगारंग दिवाली मिलन समारोह आयोजित किया । जिसमें लगभग 100 सदस्य जामगांव आर ,बटरेल, गुंडरदेही, भिलाई, बालोद, राजनांदगांव और परी से परिवार सहित पहुंचे I इस दौरान विविध खेल ,नुक्कड़ ,  प्रहसन व तात्कालिक प्रश्न मंच म आदि का मंचन कर समारोह को यादगार बनाने में कामयाब रहे । प्रेमचंद चौरडिया ने बताया कि होली व दीपावली का पर्व  बारी  बारी से चयनित सदस्य निवास स्थान पर ही मानते हैं ।इसके पूर्व वर्षों में जामगांव और  बटरेल और  ओदरागहन में समारोह मनाया जा चुके हैं। उल्लेखनीय यह है कि ओदरागहन की सरपंच वरिष्ठ नागरिक कुसुम चौरडिया है, इनके पहले पंचवर्षीय सरपंच रहे दिनेश चौरडिया ने बताया कि डेढ़ साल की विरती और 85 साल के परिवार के वरिष्ठ पूर्व जनपद सदस्य हस्तीमल चौरडिया समारोह को संबोधित करेंगे।
समस्या आसानी से हल होती है संयुक्त परिवार में
जिला  भाजपा के पूर्व सदस्य प्रमोद जैन ने कहा कि संयुक्त परिवार जीवन से निरस्ता हटाते हैं समस्या आने पर सब मिलकर सरलता से हल करते हैं जबकि समस्या तो हर किसी के जीवन में आना ही है ,केवल धन लालसा के कारण स्वार्थी बनाकर  एकल परिवार में सुख ढूंढना अच्छी जीवन की कल्पना बेमानी है,  समारोह में हस्तीमल, पूनम चंद, गोदावरी बाई गौतम चंद और प्रेमचंद चौरडिया परिवार ने महती भूमिका निभाई । दीपावली मिलन समारोह में बेटी जवाई मंजू मनोज देशलहरा ममता केवट लाल नाहटा और समता  अभय चोपड़ा भी शामिल हुए । जवाइयों   ने समवेत स्वर में कहा कि चौरड़िया परिवार का 10 वर्षों से चल रहा है यह  आयोजन काबिले तारीफ है ।
संयुक्त परिवार संस्कार का खजाना
उम्र के सात दशक पार कर चुके वरिष्ठ समाजसेवी गौतम चंद चौरडिया ने बताया कि जीवन का असली आनंद संयुक्त परिवार में ही है ।एकल परिवार में तो आनंद तलाश में का मृगतृष्णाई प्रयास ही करता है और अंतत उन्हें वह नहीं मिल पाता जिसकी तलाश में लोग एकल परिवार को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार तो संस्कार का खजाना है और इस खजाने से दूर रहकर कैसे रिश्तो में एकल परिवार संस्कार का प्रभाव डाल पाएंगे बड़ी चुनौती है। संयुक्त परिवार में पति-पत्नी के बीच अपेक्षाकृत अधिक मधुर संबंध होते हैं उन्होंने कहा कि परिवार का अंकुश जीवन उज्जवल राह दिखाती है संस्कृत मार्ग बताती है ।