डोंगरगढ़ : निर्माणधीन श्रीयंत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही ,5 साल बाद भी अधूरा पड़ा, विधायक हर्षिता बघेल ने किया निरीक्षण

केशव साहू
डोंगरगढ़ में केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASAD) योजना के तहत निर्माणाधीन श्रीयंत्र परियोजना का कार्य करीब पांच वर्ष बाद भी पूरा नहीं होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने अपने समर्थकों एवं कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और कार्य की धीमी गति तथा गुणवत्ता पर गंभीर नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने विधायक को निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी। बताया गया कि केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से श्रीयंत्र का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य

लगभग पांच वर्ष पहले शुरू हुआ था

और दो वर्ष में पूरा होना था निर्माण

लेकिन आज तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
विधायक हर्षिता बघेल ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण अधूरा है और भवन की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उद्घाटन से पहले ही मरम्मत की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती
दिखाई दे रही है

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लगे छोटे ठेकेदारों और मजदूरों का भुगतान समय पर नहीं किया गया। यदि संबंधित लोगों को भुगतान नहीं मिला और कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा नहीं हुआ तो कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन करेगी।
जानकारी के अनुसार, प्रसाद योजना के तहत डोंगरगढ़ के पर्यटन विकास के लिए केंद्र सरकार से
कुल 43 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे

। इनमें श्रीयंत्र निर्माण के लिए 28 करोड़ रुपये, प्रज्ञागिरी ट्रस्ट के लिए 5 करोड़ रुपये तथा मां बम्लेश्वरी मंदिर और अन्य विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया था।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने परिसर में बने पार्किंग, विजिटर सेंटर और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कई स्थानों पर निर्माण संबंधी कमियों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। विधायक ने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।