प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ेडोंगर में विभागीय उदासीनता के चलते मूलभूत सुविधाओं से हैं वंचित हो रहे मरीज, एंबुलेंस व बाइक एंबुलेंस दोनों ही कबाड़ में तब्दील

आशीष दास

कोंडागांव/बड़ेडोंगर । कोंडागांव जिले के विकास खंड फरसगांव के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ेडोंगर खुद बीमार है। यहां मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाएं न के बराबर है। अस्पताल का एंबुलेंस पिछले साल भर से जर्जर हालत में है। वहीं अस्पताल भवन की स्थिति जर्जर और पेयजल के लिए बोरवेल खराब होने से बाज़ू में स्थित थाने के बोरवेल से जल आपूर्ति किया जा रहा है।

हर गांव तक एम्बुलेंस पहुंचाने का दावा हुआ खोखला साबित-

अगर विकास इसी को कहते हैं तो जरूरत है इस विकास को मुख्यमंत्री भुपेश बघेल अपनी आंखों से देखें। कैसे आज भी हर गांव तक एम्बुलेंस पहुंचाने का उनका दावा खोखला साबित हो रहा है। उनके ही सुशासन काल में मरीज को अस्पताल में निजी व्यवस्था से ले जाने के लिए ग्रामीण विवश हैं।

दरअसल स्वास्थ्य विभाग जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में सारी सुविधा होने का दावा तो करता है लेकिन मैदानी हकीकत इससे बिल्कुल कुछ और है। बडेडोंगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड की हालत भी जर्जर है एवं दीवार से सीमेंट झड़ रहे हैं। जहां 25 गांवों के प्रतिदिन लगभग 50 से भी अधिक मरीज़ इलाज कराने आते हैं।

प्रदर्शनी में बाइक एंबुलेंस देख कर राहुल गांधी ने थपथपाई थी पीठ-

बता दें कि राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में फरवरी 2022 को पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन के दौरान यहां मोटर बाइक एम्बुलेंस देखते हुए राज्य शासन की पीठ थपथपाते हुए कहा था कि यह अनोखा एम्बुलेंस विशेष कर बस्तर के अंदरूनी वन्य क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाने का काम करेगा, जहां एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाते वहाँ इसका इस्तेमाल बहुत ही सराहनीय है।

परंतु बाइक एंबुलेंस की दुर्दशा देखिए, अक्टूबर 2018 में एल.डब्ल्यू.ई योजना के तहत बाइक एंबुलेंस पीएचसी बड़ेडोंगर को प्राप्त हुआ था जो मेंटेनेंस और रखरखाव के अभाव में आज कबाड़ में तब्दील हो चुका है।जलालत और परेशानियों का सामना कर निजी जुगाड़ से मरीजों को अस्पताल तक ले जाने की हकीकत बड़ेडोंगर पीएचसी की है। आप केवल पीएचसी में बाइक एंबुलेंस का खोखा जिसमें बाइक नदारद है और अस्पताल के सामने खड़े जर्जर एंबुलेंस देख सकते है।

एंबुलेंस सेवा साल भर से बंद, निजी जुगाड़ से मरीजों को लाया जा रहा है अस्पताल_

गौरतलब है कि बड़ेडोंगर पीएचसी में एंबुलेंस सेवा पिछले साल भर से बंद है। बताया जा रहा है है कि उक्त एंबुलेंस जर्जर हालात में है। जिसको रिपेअर करने की जरूरत भी स्वास्थ्य विभाग नहीं समझा। गांव के सरपंच विद्यासागर नायक ने बताया कि पीएचसी बड़ेडोंगर में भवन का तो अभाव है ही साथ ही यहां एंबुलेंस सुविधा साल भर से बंद पड़ी है जिससे मरीजों को अस्पताल लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीएचसी में बोर खराब हो जाने से थाने से पानी आपूर्ति किया जा रहा है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी_

इस विषय पर सीएमएचओ डॉ टीआर कुंवर से बार बार फ़ोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई परन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं फरसगांव बीएमओ डॉ एल झुर्री से बात करने पर उन्होंने कहा कि बड़ेडोंगर पीएचसी में एंबुलेंस कंडम स्थिति में है जिसे उच्च कार्यालय में हम अवगत करा चुके हैं साथ ही बाइक एंबुलेंस भी असफल है उसकी स्थिति भी कंडम है। पीएचसी भवन बड़ेडोंगर की जर्जर स्थिति को देखते हुए संस्थागत प्रसव एवं अन्य सब सेंटर में करवाया जा रहा है। पीएचसी हेतु भवन की स्वीकृति हो गई है लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ।