ठंड बढ़ने से चिल्फी में जमी बर्फ की चादर, फसल को ढककर रख रहे किसान

राजकुमार सिंह ठाकुर

पण्डरिया । कबीरधाम जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर बोड़ला ब्लाक में स्थित छत्तीसगढ़ के कश्मीर के रूप में जाना जाने वाला चिल्फी घाटी में विगत तीन दिन से पारा गिरा हुआ है।जिसके चलते घाटी में सुबह बर्फ की चादर बिछा हुआ रहता है।इन दिनों यहां रात का न्यूनतम तापमान 3 सेंटीग्रेट से भी कम हो जाता है।घाटी के खेतों में ओस की बुंन्दे जम रही है।जिसे देखने पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं।यह नज़ारा सुबह 5.30 बजे से करीब 6.30 बजे तक 1 घंटे तक दिखाई देता है।लोग ओस की बूंदों की खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं।खेतों में जहां बर्फ की चादर दिखाई देती है,वहीं नाले के पानी से उठता धुंआ लोगों को आकर्षित करती है।मानों ऐसा दिखाई देता है जैसे पानी मे आग लगी हो।जिसका धुंआ ऊपर ऊठ रहा हो।अगले दो से पांच दोनों तक तापमान में और गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है।

फसलों को साड़ी से ढंक कर की जा रही सुरक्षा- एक ओर लोग इसकी खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं,वहीं स्थानीय लोगों की फसल शीत लहर व बर्फ जमने से खराब हो रही है।लोग अपने फसलों की सुरक्षा के लिए बाड़ियों में लगाए गए सब्जी व अन्य फसल को साड़ी या अन्य चीजों से ढककर इसकी सुरक्षा कर रहे हैं।जिसमें प्रायः भाजी,सरसों ,आलू,धनियां सहित अन्य कई फसल शामिल है।जिसे लोग साड़ी से ढंककर रखते हैं।इसके बावजूद ज्यादा ठंड होने से फसल खराब हो जाती है।

छप्पर व गाड़ियों में जम रही बर्फ– चिल्फी घाटी में सड़क पर खड़े वाहनों व घरों की छप्परों पर भी बर्फ जम रही है।सुबह घरों के छप्पर सफेद दिखाई देती है ,वहीं वाहनों के ऊपर भी बर्फ जमी दिखाई पड़ती है।जो धूप निकलने के कुछ देर बाद ओझल हो जाती है।