पंडरिया-ब्लाक के वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम पंडरीपानी का मिडिल स्कूल विभाग की गलती के कारण अक्टूबर 2019 पिछले पांच साल से एक शिक्षक के सहारे संचालित है। ग्राम पंडरीपानी ब्लाक व छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती ग्राम है।इसका सीमा मध्यप्रदेश से जुड़ता है,जिसमें शत प्रतिशत बैगा जनजाति निवास करते हैं।पंडरीपानी मिडिल स्कूल पिछले पांच वर्ष से एक शिक्षकीय है।जबकि यहां 64 से अधिक बच्चे दर्ज हैं।पिछले दो वर्ष में दो बार पदोन्नति किया जा चुका है,लेकिन उक्त विद्यालय में रिक्त नहीं मानकर एक भी शिक्षक नहीं भेजे गए।शासन बैगा आदिवासियों के नाम पर करोड़ो का बजट खर्च करती है,किन्तु वनांचल में शिक्षक नहीं भेजकर इन्हें अच्छी शिक्षा से वंचित कर रही है।
पांच वर्ष पीछे चल रहा विभाग-जिले का शिक्षा विभाग पांच वर्ष पीछे चल रहा है।पंडरीपानी मिडिल स्कूल में केवल एक विज्ञान का शिक्षक कार्यरत है।जबकि यहां रिकार्ड में दो शिक्षक दिखाया जाता है।जबकि पांच वर्ष पहले यहां दो शिक्षक थे।जिसमें से एक शिक्षक अक्टूबर 2019 से बिना सूचना विद्यालय नहीं आ रहा है।जिस पर विभाग द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।रिकार्ड में दो शिक्षक दिखाने के कारण यहां शिक्षक की पदस्थापना नहीं की जा रही है।इसी प्रकार यहाँ की दर्ज संख्या 21 दिखाया जा रहा है, जबकि वर्तमान में यहां 64 बच्चे अध्ययनरत हैं।विभाग के रिकार्ड चार वर्ष पहले यहां का दर्ज संख्या 21 था।जिसमें आज तक सुधार नहीं किया गया है।इसी गलती का परिणाम बच्चे भुगत रहे हैं।
गलत जानकारी के चलते नहीं भेजे जा रहे शिक्षक–
पखवाड़े भर पहले हिंदी विषय पर पदोन्नति दी गई,जिसमें भी पंडरीपानी में रिक्त पद नहीं दिखाया गया।पूर्व में अंग्रेजी व अन्य विषय के पदोन्नति पर भी यहां शिक्षक नहीं भेजे गए थे।किसी भी विषय में पद रिक्त नहीं दिखाए जाने के चलते इस संबंध में संभागीय कार्यालय दुर्ग में संपर्क किया गया, जहां बताया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पंडरीपानी में दो शिक्षक कार्यरत होने तथा 21 दर्ज होने की जानकारी भेजी गई है।जिसके कारण उक्त विद्यालय में शिक्षक नहीं भेजे गए हैं।इसी प्रकार अनेक त्रुटियां इस पदोन्नति सुची में विद्यमान हैं।जिला शिक्षा अधिकारी के गलती के कारण वनांचल का यह विद्यालय पिछले चार वर्ष से एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है।
वनांचल की उपेक्षा-वर्तमान पदोन्नति में मैदानी क्षेत्र के विद्यालयों को महत्व दिया गया है,जबकि वनांचल के स्कूलों को तवज्जो नहीं दी गई है।मैदान के विद्यालयों में कम दर्ज होने तथा पहले से तीन शिक्षक होने पर भी शिक्षक भेजा गया है जबकि वनांचल में एक शिक्षकीय विद्यालय में भी पद नहीं दिए गए हैं।मैदान के गांव सिरमाडबरी जहां दर्ज संख्या 30 है,यहां तीन शिक्षक पहले से कार्यरत थे जहां एक और शिक्षक पदस्थ कर दिया गया।मिडिल स्कूल रौतापारा जहां 33 दर्ज में तीन शिक्षक पहले से कार्यरत थे,जहां एक और शिक्षक पदस्थ कर चार कर दिया गया।मिडिल स्कूल लडुवा में 51 दर्ज पर 4 शिक्षक पदस्थ कर दिया गया।कोयलारी कला में 41 दर्ज पर चार शिक्षक पदस्थ किये गए हैं।करपीगोड़ान में 42 बच्चों में चौथा शिक्षक भेज गया।सरईपतेरा में 47 बच्चों में चौथा शिक्षक भेजा गया है।कुल्हीडोंगरी में 54 बच्चों में 3 शिक्षक दिया गया है।इसी प्रकार मैदानी क्षेत्रों के स्कूलों में दर्ज व विषय को ध्यान नहीं दिया गया है,जबकि वनांचल में दर्ज अधिक होने पर भी शिक्षक नहीं भेजे गए।पद निर्धारण का कोई मापदंड नजर नहीं आ रहा है।क्योंकि वर्तमान में भेजे गए विद्यालयों में पहले से ही हिंदी विषय के शिक्षक कार्यरत हैं।जिसके बावजूद पुनः हिंदी के शिक्षक भेज दिए गए।यदि विषय वार शिक्षक हेतु युक्तियुक्तकरण होगा तो एक बार शिक्षकों को फिर परेशानी का सामना करना पड़ेगा।







