पाटन। केंद्र सरकार से जारी 16वें वित्त की राशि के आबंटन को लेकर जिला पंचायत दुर्ग में शुक्रवार को जमकर गहमा-गहमी देखने को मिली। राशि के कथित असमान आबंटन के विरोध में कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि पांचों कांग्रेस समर्थित सदस्य बैठक से बाहर निकल गए और उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर भी नहीं किए।

जिला पंचायत दुर्ग के सभागार में 16वें वित्त की राशि के आबंटन को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विकास कार्यों के लिए सदस्यों के क्षेत्रों में राशि आबंटित किए जाने को लेकर चर्चा होनी थी। इसी दौरान राशि के बंटवारे को लेकर कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने आपत्ति जताई।

55 लाख बनाम 10 लाख का आरोप

कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी सहित अन्य सदस्यों का आरोप है कि भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए करीब 55-55 लाख रुपए आबंटित किए जाने की चर्चा है, जबकि कांग्रेस समर्थित सदस्यों को महज 10 लाख रुपए देने की बात सामने आ रही है। सदस्यों का कहना है कि इतनी कम राशि से उनके निर्वाचन क्षेत्रों में ग्रामीण विकास के बड़े कार्य कराना संभव नहीं है।
कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार की राशि पर किसी एक दल का अधिकार नहीं है। जिला पंचायत के सभी निर्वाचित सदस्यों के क्षेत्रों में विकास के लिए समान रूप से राशि आबंटित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों की जनता ने भी उन्हें चुनकर भेजा है और वहां के ग्रामीणों को भी विकास कार्यों का समान अधिकार है।
सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप
कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि राशि आबंटन में इसी तरह असमानता बरती गई तो ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्रभावित होगा। सदस्यों का आरोप है कि भाजपा सरकार कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों के साथ भेदभाव कर रही है।
बैठक का विरोध करते हुए सभी पांच कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्य बाहर निकल गए। इसके बाद जिला पंचायत में राशि आबंटन को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
बुधवार को बड़े आंदोलन की तैयारी!
मामला अब जिला पंचायत की बैठक से निकलकर राजनीतिक आंदोलन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि आगामी बुधवार को कांग्रेस द्वारा 16वें वित्त की राशि के कथित असमान आबंटन के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया जा सकता है। हालांकि प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत कार्यक्रम की पुष्टि होना बाकी है।
अब सवाल यह है कि 16वें वित्त की राशि का आबंटन किस आधार पर किया जा रहा है और क्या सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों को समान अवसर मिलेगा? आने वाले दिनों में यह मुद्दा जिला पंचायत की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है।






