दुर्ग। दुर्ग जिले के पंचायत सचिव अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के निराकरण नहीं होने से नाराज हैं। प्रदेश पंचायत सचिव संघ जिला इकाई दुर्ग ने गुरुवार को जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर 7 दिवस के भीतर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 3 जुलाई को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय रैली और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा तथा इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

जिला अध्यक्ष महेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि पंचायत सचिव लंबे समय से विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से सचिवों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जिले के सभी पंचायत सचिव आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जिला सचिव शेषनारायण चंद्रवंशी ने बताया कि 25 जून को आयोजित जिला पंचायत सचिव संघ की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि समस्याओं का समय सीमा में निराकरण नहीं होने पर पहले एक दिवसीय धरना और बाद में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
ब्लॉक अध्यक्ष निमेष भोयर, प्रदीप चंद्राकर और नरेश साहू ने बताया कि पंचायत सचिवों की प्रमुख मांगों में एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) की कटौती राशि को संबंधित खातों में जमा करना, लंबित एरियर, उपादान राशि और चिकित्सा भत्ता का भुगतान शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती की गई एनपीएस राशि 24 मई 2024 से जिला पंचायत के खाते में जमा है, लेकिन उसे अब तक संबंधित खातों में स्थानांतरित नहीं किया गया है।
संघ ने मांग की है कि एनपीएस की लंबित राशि के साथ-साथ उस अवधि का ब्याज भी सचिवों के खातों में जमा कराया जाए। इसके अलावा प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। पंचायत सचिवों ने उनके विरुद्ध की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई और संचयी प्रभाव से रोकी जा रही वेतन वृद्धि की प्रक्रिया को भी तत्काल समाप्त करने की मांग की है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो जिलेभर के पंचायत सचिव आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।






