दुर्ग ग्रामीण : अंडा थाना में महिला कमांडो का सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन का हुआ आयोजन…जिले के 40 गांवों की महिला कमांडो रही उपस्थित

अंडा। वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में 20 फरवरी 2026 को थाना अंडा परिसर में महिला कमांडो के लिए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणीशंकर चंद्रा के नेतृत्व तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अनुप लकड़ा (पाटन) एवं डॉ. चित्रा वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ।
इस प्रेरक आयोजन में दुर्ग जिले सहित लगभग 40 गांवों की महिला कमांडो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। थाना अंडा, थाना पुलगांव, चौकी अंजोरा, नगपुरा, जेवरासिरसा, थाना बोरी तथा चौकी लिटिया-सेमरिया क्षेत्र की करीब 500 महिला कमांडो की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा तथा नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूक करना था। उपस्थित महिला कमांडो को पद्मश्री शमशाद बेगम (सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला कमांडो की संस्थापिका) तथा रसीद खान (सचिव, महिला कमांडो) ने संगठन के उद्देश्य, कार्यशैली और समाज में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने गांवों में नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।


प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला सेनानी श्री नागेंद्र सिंह एवं एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने महिला कमांडो को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप और आगजनी की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी। टीम द्वारा आपदा के समय सतर्कता, प्राथमिक उपचार और बचाव के प्रभावी तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत हुई।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता एवं नशा मुक्ति को लेकर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित होता है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब आत्मविश्वास के साथ सामाजिक कुरीतियों और नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी महिला कमांडो ने सामूहिक रूप से “सशक्त नारी – सशक्त छत्तीसगढ़” तथा “नशा मुक्त समाज – सुरक्षित समाज” का संकल्प लिया। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।