अंडा। दुर्ग (ग्रामीण)। अंचल में इन दिनों आम के पेड़ों पर बौर (फूल) खिलने से घर-आंगन और बगीचों में बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है। पीले-सुनहरे रंग के फूलों से लदे आम के पेड़ न सिर्फ वातावरण को महक रहे हैं, बल्कि किसानों और बागवानों के लिए अच्छी पैदावार की उम्मीद भी जगा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों के आंगन और खेत-खलिहानों में लगे आम के पेड़ों पर भरपूर बौर आने से इस वर्ष अच्छी फसल की संभावना जताई जा रही है। मौसम अनुकूल रहने पर बौर से फल बनने की प्रक्रिया मजबूत होगी, जिससे आने वाले महीनों में आम की पैदावार बेहतर रह सकती है।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर हल्की बारिश और तापमान संतुलित रहा तो आम की गुणवत्ता अच्छी रहेगी और बाजार में दाम भी बेहतर मिल सकते हैं। इससे स्थानीय किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। आम की आवक बढ़ने से स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय पेड़ों की उचित देखभाल, समय-समय पर सिंचाई और कीट-रोग से बचाव जरूरी है, ताकि बौर सुरक्षित रह सके। सही प्रबंधन के साथ दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में आम की खेती इस साल किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, आम के पेड़ों पर खिले बौर ने न सिर्फ गांवों की सुंदरता बढ़ाई है, बल्कि किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है।







