शिशु संरक्षण माह में टीकाकरण के साथ बच्चों को पिलाया जा रहा विटामिन-ए एवं आयरन सिरप, 18 अगस्त से 25 सितंबर तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को आयोजित हो रहे टीकाकरण सत्र

पाटन।।खण्ड चिकित्सा अधिकारी पाटन डॉ. बी. कठौतिया के निर्देशन तथा खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी बी. एल. वर्मा एवं चंद्रकांता साहू के मार्गदर्शन में पाटन विकासखण्ड में शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 18 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। माइक्रोप्लान के अनुसार प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को विभिन्न ग्रामों में टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

शिशु संरक्षण माह के दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जा रही है। वहीं 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को एनीमिया से बचाव के लिए आयरन सिरप उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण स्तर की भी जांच की जा रही है।

अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच के साथ उन्हें आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दी जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन एवं ब्लड शुगर जांचने के साथ उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें उचित स्वास्थ्य संस्था में प्रसव कराने के लिए आवश्यक परामर्श एवं सलाह दी जा रही है।

इसके साथ ही 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। बच्चों को बीसीजी, ओरल पोलियो, पेंटावैलेंट, फ्रैक्शनल आईपीवी, रोटावायरस, न्यूमोकोकल, खसरा-रूबेला एवं डीपीटी सहित आवश्यक टीके लगाए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य छूटे हुए बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना तथा शिशु मृत्यु दर और कुपोषण को कम करना है।

आंगनबाड़ी केंद्र गोंडपेंड्री में आयोजित हुआ टीकाकरण सत्र

शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थ स्वास्थ्य संयोजक मधु साहू की उपस्थिति में आंगनबाड़ी केंद्र गोंडपेंड्री में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया। ड्यू लिस्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का टीकाकरण किया गया। इस दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को एनीमिया से बचाव के लिए आयरन सिरप उपलब्ध कराया गया।सत्र स्थल पर सेक्टर पर्यवेक्षक आर.एस. शांडिल्य एवं राधिका देवांगन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने ड्यू लिस्ट, विभिन्न प्रकार के टीके, विटामिन-ए घोल, आपातकालीन दवाइयां, आयरन की दवा, हब कटर, लाल एवं काला बैग, जच्चा-बच्चा रक्षा कार्ड, ओआरएस पैकेट, जिंक की गोलियां, टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों के प्रबंधन तथा आईईसी सामग्री की उपलब्धता की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से विष्णु प्रसाद देवांगन, संतोषी देवांगन, खेलेंद्र कुर्रे, तालसिंह ठाकुर, वंदना चौधरी, प्रीति वर्मा एवं यामिनी सोनवानी सहित मितानिनों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।