पंडरिया।नगर के पीएम श्री आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के छात्रों ने एक्सपोजर विजिट मे रायपुर के साइंस सेंटर मे भौतिक विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पे आधारित क्रियाशील मॉडलों को समझा तथा अंतरिक्ष विज्ञान अंतर्गत तारा मंडल शो मे पृथ्वी की संरचना ब्रह्माण्ड के जन्म विभिन ग्रहों की स्थिति के गूढ़ रहस्यों को जाना। विज्ञान व्याख्याता चंद्रविजय जैन ,अनूप गुप्ता,विद्या पटेल द्वारा छात्रों को विज्ञान मॉडल किस-किस सिद्धांत पर बने है और किन वैज्ञानिकों ने ये सिद्धांत प्रतिपादित किए हैं।इस संबंध में विस्तार से बताया गया।
वरिष्ठ व्याख्याता गीताराम साहू के मार्गदर्शन मे दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के विभिन्न संकायों के छात्रों हेतु आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण मे छात्रों ने छत्तीसगढ़ की विभिन्न सांस्कृतिक विरासत पर आधारित पुरखौतीन मुक्तांगन का भी भ्रमण कर आनन्द लिया।
विद्यालय के व्याख्याता सगराम चंद्रवंशी ने बताया छात्रों सर्वांगीण विकास हेतु प्रथम चरण मे छात्र छात्राओं को रायपुर साइंस सेंटर एवं पुरखौतीन मुक्तांगन का भ्रमण कराया गया द्वितीय चरण मे कक्षा नवमी एवं ग्यारहवीं के छात्रों को ऐतिहासिक स्थल मदकू द्वीप एवं तालागांव का दर्शन कराया गया।

संस्था के प्राचार्य विकास कुमार शुक्ला ने मदकू द्वीप के पुरातात्विक महत्व से छात्रों को परिचित कराते हुए बताया कि मदकू द्वीप छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में शिवनाथ नदी के बीच स्थित एक प्राचीन ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है, जो मेंढक के आकार (मदकू) जैसा दिखता है। मान्यता के अनुसार, यहाँ मांडूक्य ऋषि ने तपस्या की थी। 2011 की खुदाई में यहाँ कलचुरी कालीन 10वीं-11वीं शताब्दी के 19 से अधिक शिव मंदिरों के अवशेष, प्रतिमाएं, ब्राह्मी और शंखलिपि के शिलालेख मिले हैं।
इस स्थान को ऋषि मांडूक्य की तपस्थली माना जाता है कि मांडूक्य ऋषि ने यहाँ मांडूक्य उपनिषद की रचना की थी।
हरिहर क्षेत्र: यह स्थान विष्णु और शिव का मिलन स्थल हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप भी कहलाता है।
यहाँ 3वीं शताब्दी ईस्वी के शिलालेख और प्रागैतिहासिक पाषाण शिल्प के साक्ष्य मिले हैं।
उत्खनन में कल्चुरी वंश के 10वीं-11वीं शताब्दी के मंदिरों, विशेषकर 13 स्मार्त लिंगों और चतुर्भुजी नृत्य गणेश की प्रतिमाएं मिली हैं।
यहाँ हिंदू मंदिरों के साथ-साथ 1909 से एक प्रसिद्ध ‘मसीही मेला’ भी आयोजित किया जाता है, जो धार्मिक सौहार्द को दर्शाता है।
मदकू द्वीप दर्शन पश्चात छात्रों ने ऐतिहासिक महत्व के तालागांव के न देवरानी जेठानी मंदिर दर्शन का आनंद लिया। तृतीय चरण मे कक्षा 6से 8के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण मे ले जाया जाएगा।
इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने मे व्याख्याता मीना तिर्की, जागृति खलको, ओम पटेल, धीरज बघेल,सौम्या, कामिनी ध्रुव, थानू साहू, भूखन यादव ,कपिल, धनुष, एवं कलीराम ने अपना योगदान दिया।







