छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति द्वारा अमलेश्वर में इको फ्रेंडली चार इंच की श्रीगणेश जी की मूर्ति स्थापित…पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल

पाटन।छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति द्वारा लगातार 13वें वर्ष मिट्टी की बनी हुई चार इंच की इको फ्रेंडली श्री गणेश जी की मूर्ति शिवपार्क कॉलोनी नगरपालिका परिषद अमलेश्वर में स्थापित की गई है । उक्त जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित कुमार बिजौरा एवं अध्यक्ष डॉ.अश्वनी साहू ने बताया कि 14 सितंबर दिन सोमवार को श्री गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल करते हुए मिट्टी की बनी चार इंच की श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई है ।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति द्वारा जल प्रदूषण को कम करने लोगों को जागरूक करने एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चार इंच की श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई है । छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित कुमार बिजौरा ने बताया कि समिति लगातार पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही है अभी बड़े मूर्ति के विसर्जन से पानी प्रदूषित हो रही है तथा छोटे जीव जंतु नष्ट हो रहे हैं , मिट्टी की छोटी प्रतिमाएं स्थापित करने से प्रदूषण को कम किया जा सकता है । मिट्टी के श्री गणेश जी की मूर्ति पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक होती है जबकि बड़ी व रासायनिक मूर्तियों के विसर्जन से जल स्रोतों और जीव – जंतुओं को भारी नुकसान पहुंचता है ।

मिट्टी की मूर्ति पानी में आसानी से घुल जाती है और वापस प्रकृति में मिल जाती है । इनमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है , जिससे पानी में हानिकारक रसायन नहीं घुलते । मिट्टी के बने श्री गणेश जी के विसर्जन से मछलियों और अन्य जलीय जीव जंतुओं को कोई नुकसान नहीं होता है ।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के वरिष्ठ सलाहकार ललित कुमार बिजौरा, अध्यक्ष डॉ.अश्वनी साहू , परस राम साहू , गीता लाल साहू , संजू साहू , डॉ.ए.के.जायसवाल , देवनारायण चंद्राकर, प्रभु पेंटर , कौशल वर्मा , सोहन साहू , कोमल वर्मा , गोपी साहू , सोनू साहू , दिव्यांश बिजौरा , कुणाल साहू , धर्मेंद्र सोनवानी , कुलदीप धीवर , कमलेश साहू ने बताया कि स्वच्छ पर्यावरण हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है और हमारा यह जन जागरण अभियान सतत् जारी रहेगा , पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल किया जा रहा है जिसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है ।