शिक्षा मंत्री पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप, 5 अक्टूबर को दुर्ग में होगा मंत्री निवास का घेराव

दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 5 अक्टूबर को दुर्ग में शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करने का ऐलान किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेशभर के स्कूल सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।

संघ के मुताबिक छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले 15-16 वर्षों से करीब 43,301 अंशकालिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हें प्रतिदिन केवल दो घंटे कार्य के लिए निर्धारित किया गया है और वर्तमान में करीब 3,000 से 3,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। संघ का कहना है कि अधिकांश स्कूलों में भृत्य अथवा चपरासी के पद रिक्त होने के कारण सफाई कर्मचारियों से सफाई के अलावा अन्य कार्य भी लिए जाते हैं, जिसके चलते उन्हें पूरा दिन स्कूल में बिताना पड़ता है।

संघ ने कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से स्कूलों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ ही स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधान पाठक संघ एवं शिक्षक संगठनों द्वारा भी सफाई कर्मचारियों की कार्यनिष्ठा और ईमानदारी को देखते हुए उनकी मांगों को पूरा करने तथा भृत्य के पद पर समायोजित करने के संबंध में शासन-प्रशासन को पत्र दिए जाने की बात कही गई है।

संघ के अनुसार कर्मचारी पूर्व में 15 जून 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। उस दौरान शिक्षा मंत्री द्वारा मानदेय में वृद्धि तथा हड़ताल अवधि का मानदेय भुगतान किए जाने के आश्वासन के बाद 12 सितंबर 2025 को हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। संघ का आरोप है कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

इसी के विरोध में 5 अक्टूबर 2026 को दुर्ग स्थित मानस भवन में प्रदेशभर के स्कूल सफाई कर्मचारी एकत्र होंगे और इसके बाद शिक्षा मंत्री के निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे।

संघ ने चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर नवा रायपुर में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मंत्रालय एवं संचालनालय का घेराव करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

प्रदीप वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी, स्कूल सफाई कर्मचारी संघ, रायपुर छत्तीसगढ़ ने आंदोलन की जानकारी दी।