विश्व हाथी दिवस के अवसर पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय, निमोरा के 50 छात्र-छात्राएँ नंदनवन जंगल सफारी, नवा रायपुर में प्रकृति शिक्षा भ्रमण के लिए पहुंचे। इस अवसर पर छात्रों को एक ज्ञानवर्धक सफारी भ्रमण कराया गया, जिसके पश्चात चिड़ियाघर भ्रमण के दौरान सफारी टीम ने उन्हें वन्यजीवों की जैव-विविधता में भूमिका के बारे में जानकारी दी।
भ्रमण के अंत में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एशियाई हाथियों के व्यवहार और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्रों को बताया गया कि एशियाई हाथी अत्यंत सामाजिक प्राणी होते हैं, जो प्रायः मातृसत्तात्मक झुंड में रहते हैं, जिसमें अनुभवी मादा हाथी नेतृत्व करती है। वे अपने समूह के प्रति गहरी निष्ठा रखते हैं, संकट के समय एक-दूसरे की सहायता करते हैं और संचार के लिए ध्वनि, शारीरिक संकेत एवं कंपन (seismic signals) का उपयोग करते हैं। जंगल में उनकी भूमिका “जंगल के माली” के रूप में होती है, क्योंकि वे बीजों के प्रसार में मदद करते हैं और जंगल के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखते हैं।
इस अवसर पर नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री तेजस शेखर ने कहा, “ऐसे शैक्षिक भ्रमण युवा पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रेरित करते हैं और प्रकृति के साथ उनका गहरा जुड़ाव सुनिश्चित करते हैं।”







