पाटन। छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष का 20 अक्तूबर को होने वाली चुनाव का प्रचार प्रसार मतदान के एक दिन पूर्व अर्थात 18 अक्तूबर को थम जाएगा। पाटन राज के सहायक निर्वाचन प्रभारी केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे भारत में कुर्मी क्षत्रिय समाज की कुल 28 फिरक़ा है जिसमें सबसे बड़ा फिरका मनवा कुर्मियों की है।लोकतांत्रिक प्रणाली से समाज में राजप्रधान से लेकर केंद्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है,जिनका कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।उक्त चुनाव समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तो होता ही है राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम होता है।समाज के कुछ ऐसे व्यक्तित्व जो समाज में विभिन्न पदों पर रह कर समाज सेवा करते छत्तीसगढ़ ही नही अपितु भारत सरकार में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,विजय बघेल,टंक राम वर्मा,श्रीमती छाया वर्मा,लक्ष्मी बघेल, जनक वर्मा,शारदा वर्मा, डोमे श्वरी वर्माआदि ऐसे नाम है जो आज भी राजनीति में जुड़कर समाज की सेवा कर रहे हैं।समाज के पुरोधाओं ने मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के संगठनात्मक ढांचे को बेहद मजबूत बनाया है।स्वजातीय परिवार फिर पार ,ग्राम , क्षेत्र, राज ,फिर केंद्र।इस प्रकार पार प्रमुख,ग्राम प्रमुख,क्षेत्रप्रधान,राजप्रधान और अंत में केंद्रीय अध्यक्ष का कड़ी बनाया गया है।पूरे छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज को दस राज में विभाजित किया गया है।औसतन प्रत्येक राज में नगर इकाइयों को मिलाकर 70 से 80 ग्रामों को समाहित किया गया है। क्षेत्रफल एवं जनसंख्या की दृष्टि से तिल्दा राज सबसे बड़ा राज है। खारुन नदी के पश्चिमोत्तर तीन राज दुर्ग,पाटन एवम धमधा राज स्थित है ठीक इसके विपरित महानदी के पूर्वोत्तर में अर्जुनी,बलौदा बाजार,पलारी, चंदखूरी,रायपुर,तिल्दा एवम धरसीवा राज स्थित है।विशेष उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ का यह एक मात्र समाज है जिनका लिखित संविधान है।सामाजिक गतिविधियों का क्रियान्वयन संविधान के तहत ही होता है। केन्द्रीय निर्वाचन अधिकारी ऋषि कुमार वर्मा के निर्देश पर पाटन राज के सहायक निर्वाचन अधिकारी केदार कश्यप ने 20 अक्तूबर को होने वाली चुनाव के संबंध में आगे बताया कि पूरे दसों राज को मतदान सामग्री का वितरण अत्यंत गोपनीयता के साथ कर दिया गया है।गोपनीयता बनाए रखने की अब सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज के राजप्रधान,सहायक निर्वाचन अधिकारी के साथ राज निर्वाचन समिति की होगी। केदार कश्यप ने आगे बताया कि अब राज द्वारा प्रत्येक ग्रामों,नगर इकाइयों को मतपत्र मतदाता संख्या के अनुसार वितरित किया जायेगा।आवश्यक दस्तावेज जैसे मतपत्र लेखा,गणना पत्रक,अभिकर्ता नियुक्ति पत्रक,सारिणीयन, गोशवारा,चुनाव दिशानिर्देश,अपील,नियमावली आदि पत्रक दिया जाएगा।निष्पक्ष एवम पारदर्शिता पूर्वक चुनाव संपन्न हो इसके लिए आवश्यक तैयारी पाटन राज निर्वाचन समिति की ओर से किया गया है। 20 अक्तूबर को बहुत ही सौहार्दपूर्वक वातावरण में चुनाव संपन्न होगा को लेकर पूरा समाज आशान्वित है। पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष विपिन बिहारी वर्मा,मन्नू लाल परगनिहा,सीता राम वर्मा को अलग अलग राजों का पर्यवेक्षक बनाया गया है जो सतत राजों का दौरा कर निगरानी कर रहे हैं। पाटन राज सहायक निर्वाचन प्रभारी केदार कश्यप ने चुनाव आचार संहिता की कड़ाई से पालन करने निर्देश जारी करते रहे है। प्रत्याशियों के द्वारा किसी भी प्रकार का प्रलोभन,मांस मदिरा ,राशि आदि का वितरण को गंभीर अवमानना की श्रेणी में रखा गया है ,ऐसा करते पाए जाने पर प्रत्याशी को निरहर(अयोग्य)घोषित किया जा सकता है। पाटन राज के ग्राम प्रमुख मतदान केंद्र के प्रभारी होंगे अतः वह भी किसी प्रत्याशी का प्रत्यक्ष चुनाव प्रसार प्रचार नहीं कर सकेंगे किसी भी प्रकार की उक्त चुनाव में गड़बड़ी न हो जिसके लिये पाटन राज निर्वाचन अधिकारियों के द्वारा विशेष रूपरेखा तैयार किया जा रहा है। पीठासीन सहित मतदान अधिकारियों को राज निर्वाचन समिति द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 18 अक्तूबर को शाम 6 बजे प्रचार थम जाएगा। 19 अक्तूबर को प्रत्याशी स्वजातियों से प्रत्यक्ष संपर्क कर सकते हैं।







