चंद्रभान यादव

जशपुर। बिजली विभाग ने नवंबर माह के बिल में सुरक्षा निधि की राशि जोड़कर उपभोक्ताओं काे भेजी जा रही है। बिल में अक्टूबर माह की खपत की तुलना में यह राशि तीन गुना है। इससे उपभोक्ताओं काे बजट बिगड़ गया है। बिल की राशि अधिक होने के कारण मध्यम वर्ग के उपभोक्ता तो उक्त राशि को किश्तों में भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। विद्युत वितरण विभाग द्वारा हर वर्ष अपने उपभोक्ताओं से सुरक्षा निधि के नाम पर राशि ली जाती है।पिछले वर्षों में कोरोना के चलते उपभोक्ताओं को राहत देने सुरक्षा निधि की राशि नहीं ली गई, लेकिन इस वर्ष इसकी भरपाई करते हुए विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को सुरक्षा निधि की राशि बिजली बिल के साथ जोड़ कर भेज दी है। जिसे लेकर उपभोक्ताओं को इससे बड़ा झटका लगा है।नवंबर में सुरक्षा निधि के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से विभाग लगभग 7 करोड़ रुपए ज्यादा वसूल करेगी। जिले में लगभग एक लाख 70 हजार उपभोक्ता हैं। जिन्हें अक्टूबर माह में बिजली खपत के अनुसार चार्ज और इसके अलावा सुरक्षा निधि राशि का भुगतान 14 नवंबर तक करना है।कोरोनाकाल में विभाग ने लाइन काटने व वसूली का काम भी बंद रखा था। जिसके चलते वितरण विभाग का बकाया लगातार बढ़ता चला गया और जिलें का बकाया करोड़ों के पार पहुंच चुका है। अब पूरे एक वर्ष बाद विद्युत विभाग ने जले के उपभोक्ताओं को फिर से सुरक्षा निधि की राशि को इस महीने के बिल के साथ जोड़कर भेजा है। इसे लेकर लोगो में आक्रोश देखा जा रहा है।सुरक्षा निधि की राशि उपभोक्ताओं की है बिजली विभाग के द्वारा उपभोक्ताओं से सुरक्षा निधि साल में ली जाने वाली राशि है। यह राशि उपभोक्ताओं की ही होती है। उपभोक्ता का साल भर में जितना बिल आता है उससे दुगनी राशि इसमें ली जाती है, इसमें जिनकी पहले से सुरक्षा निधि जमा है उस राशि को घटाया जाता है। एनआर भगत, ईई बिजली विभाग






