बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक एसईसीएल इंदिरा विहार कॉलोनी सरकंडा स्थित प्रियदर्शिनी भवन में प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विद्युत कंपनी प्रबंधन की वादाखिलाफी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री ने किया। उन्होंने विगत तीन माह में किए गए संगठनात्मक प्रवास एवं कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी ने सभी पदाधिकारियों से प्रत्येक जिले में प्रवास कर कर्मचारी समस्याओं के समाधान और सदस्यता लक्ष्य पूर्ण करने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय मजदूर संघ के मंत्री एवं विद्युत प्रभारी ने श्रम नियमों की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए उसके अनुरूप कार्ययोजना बनाकर कार्य करने की बात कही। वहीं कोषाध्यक्ष ने आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। क्षेत्रीय अध्यक्षों एवं सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों की गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
बैठक में अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों की पुरानी पेंशन बहाली, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में भर्ती, रिस्ट्रक्चरिंग, तकनीकी एवं कंप्यूटर भत्ता, वेज रिवीजन कमेटी गठन तथा अंतरिम राहत जैसी मांगों को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।
महासंघ द्वारा घोषित आंदोलन कार्यक्रम के तहत 1 से 30 जून तक वृहद संपर्क एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 1 से 9 जुलाई तक क्षेत्रीय मुख्यालयों में प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाएंगे। वहीं 10 जुलाई को पॉवर कंपनी मुख्यालय रायपुर में विशाल आक्रोश रैली और एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता वृद्धि और आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया। सदस्यता सत्यापन और वर्ष 2026 की सदस्यता अभियान को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कार्यक्रम में , , , , सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान बिलासपुर क्षेत्रीय इकाई का पुनर्गठन करते हुए को क्षेत्रीय अध्यक्ष तथा को क्षेत्रीय सचिव का दायित्व सौंपा गया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन तेज प्रताप सिन्हा ने किया। जानकारी प्रदेश कार्यालय मंत्री ने दी।





