अंडा। फोटो। केंद्र प्रवर्तित योजना अंतर्गत किसानों को प्रोत्साहित कर प्राकृतिक खेती करने के लिए विकासखंड दुर्ग के ग्राम आमटी का चयन किया गया है। ग्राम के 62 कृषकों को 62 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर कृषकों को प्रशिक्षण दिया जाता है एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय व कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा में भी कृषकों को वैज्ञानिकों के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। ग्राम आमटी के कृषकों को वैज्ञानिकों द्वारा ग्राम में ही धान व अन्य फसलों में जैविक उत्पाद डालने के लिए उन्हीं के खेतों में जैविक उत्पाद बनाना सिखाया गया तथा रासायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभाव के बारे में किसानों को बता कर जैविक कीटनाशक के संबंध में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाई जा रही है। जैविक उत्पाद के रूप में किसान अपने खेत में जैविक कीटनाशक स्वयं बनाकर अपने खेत में उपयोग कर रहे हैं, जिसमें किसानों को कम लागत में उच्च गुणवत्ता उक्त अनाज एवं सब्जी प्राप्त कर रहे हैं।
उक्त कार्यक्रम में कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष गोकुल वर्मा, संचार समिति के अध्यक्ष लोमेश चंद्राकर, कृषि वैज्ञानिक उमेश पटेल जी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी नवीन खोबरागड़े, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दिव्या चंद्राकर ग्राम पंचायत आमटी की सरपंच श्रीमती दुर्गा पुरुषोत्तम चौधरी, कृषक संगवारी अशोक चौधरी और ग्राम के कृषकगण उपस्थित रहे जिनके द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाया गया।







