जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में 07 तारीख को रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वी.बी.जी. राम जी) की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
ग्राम पंचायत ढौर (खे), जनपद पंचायत धमधा में आयोजित रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों से अवगत कराया गया तथा क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से योजना से संबंधित जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत समुदाय के लिए सामुदायिक जल संचयन तालाब का नवीनीकरण एवं श्मशान घाट के पास तालाब गहरीकरण जैसे कार्यस्थलों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 78 ग्रामीणों की सहभागिता रही।
ग्रामीणों को बताया गया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होगी। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित रोजगार दिवस में योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि मजदूरी का भुगतान प्रति सप्ताह अथवा कार्य समाप्ति के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। भुगतान में विलंब होने की स्थिति में मुआवजे का प्रावधान भी सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि योजना के क्रियान्वयन में बायोमेट्रिक एवं ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली, जीपीएस/मोबाइल आधारित निगरानी तथा रियल-टाइम एमआईएस व्यवस्था लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा मजदूरी भुगतान में किसी भी प्रकार की कटौती या देरी नहीं होगी।
योजना के अंतर्गत सभी कार्य ग्राम सभा द्वारा तैयार एवं अनुमोदित किए जाएंगे। ग्रामीण स्वयं अपने गांव की आवश्यकताओं के अनुसार कार्यों की पहचान कर सकेंगे, जिससे स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, अधोसंरचना विकास एवं आजीविका संवर्धन सुनिश्चित होगा।
इस मिशन के अंतर्गत विशेष रूप से जल सुरक्षा से जुड़े कार्य, मूलभूत ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका संवर्धन, आपदा निवारण एवं निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही रोजगार के साथ कौशल विकास, महिलाओं एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी तथा सामाजिक अंकेक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। कृषि कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए बुवाई एवं कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान भी किया गया है।
ग्रामीणों को योजना से जोड़ने हेतु ग्राम सभाओं, रैलियों, दीवार लेखन, समूह चर्चाओं एवं जनगीतों के माध्यम से निरंतर जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, पारदर्शिता एवं सशक्तिकरण का एक नया मॉडल प्रस्तुत करते हुए ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।







