अधिकृत ठेकेदार की मनमानी जारी, जान जोखिम में डालकर कराया जा रहा कार्य; हादसों से भी नहीं लिया सबक

*बलराम यादव की खबर*

पाटन। बिजली विभाग के अधिकृत ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद न तो ठेकेदारों की लापरवाही थम रही है और न ही बिजली विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करता दिखाई दे रहा है। ताजा मामला पाटन क्षेत्र के गौड़पेंडरी-लोहरसी मार्ग स्थित छाटा नहर पुल के पास क्रेशर के समीप का है, जहां ट्रांसफार्मर पर मजदूरों से बिना हेलमेट, बिना सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर चढ़कर कार्य कराया जा रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली संबंधी कार्य कर रहे थे, लेकिन मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन कराने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पाटन क्षेत्र के ग्राम झीट और तरीघाट में इसी प्रकार सुरक्षा उपकरणों के अभाव में कार्य करते समय दो मजदूरों की जान जा चुकी है। इन दर्दनाक घटनाओं के बाद उम्मीद थी कि बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे, लेकिन हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार मजदूरों की सुरक्षा से अधिक काम जल्दी पूरा कराने पर ध्यान दे रहे हैं। यदि समय रहते इस लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में फिर किसी मजदूर की जान जा सकती है। लोगों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सभी कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।






