पाटन। रजिस्ट्री किए दो माह बीत जानें के बाद भी किसान को ऋण पुस्तिका नहीं मिल पाया है। राजस्व विभाग का कार्य कछुआ के गति से धीमा चल रहा है। इधर मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री कह रहे है कि किसानों को राजस्व संबंधी कोई परेशानी न हो । लेकिन धरातल में स्थिति कुछ और ही है।
पूरा मामला ग्राम bendri निवासी श्रीमती भोज ठाकुर ने घुघवा ( करसा) में जमीन ली है। लेकिन प्रमाणीकरण के बाद भी अभी तक उसे ऋण पुस्तिका नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि वे लगातार पटवारी कार्यालय का पिछले दो माह से चक्कर लगा रही है। लेकिन पटवारी द्वारा उसे बार बार चक्कर लगवा रहे है। इससे किसान परेशान हो गया है। ऋण पुस्तिका नहीं होने के कारण धान बेचने का पंजीयन कराने में परेशानी हों रही है। जल्द ही ऋण पुस्तिका नहीं बना तो इस साल किसान अपनी धान बेचने से वंचित हो जाएगी।







