छत्तीसगढ़ के किसानों की खुशहाली के लिए किया जाएगा हर संभव प्रयास, 2018 की तरह इस बार फिर किसानों का होगा कर्जा माफ, जनपद सदस्य खिलेश बबलू मारकंडे के कहा भूपेश है तो भरोसा है

सेलुद । पाटन जनपद सदस्य खिलेश मारकंडे ने कहा की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों की कर्जमाफी का वादा करने से छत्तीसगढ के किसानों में खुशी की लहर हो गई है । रमन शासन काल में सभी किसान हर साल खेती के लिए कर्ज लेते हैं। और छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सही मूल्य नहीं मिल पाने के कारण किसान कई साल से कर्ज में डूबे रहते थे। आत्महत्याएं तक कर रहे थे। भूपेश सरकार ने 2018 में कर्ज माफी के साथ ही 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी शुरू की, जिसके बाद किसान कर्जमुक्त हो रहे हैं।किसानों ने खरीफ सीजन के लिए हर साल की तरह इस साल भी कर्ज लिया है। सीएम भूपेश बघेल ने इसी कर्ज को माफ करने का ऐलान किया है। लेकिन भाजपा नेता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। भाजपा ने पहले 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का विरोध किया। किसानों की कर्जमाफी का भी विरोध किया। प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने के फैसले का भी भाजपा नेताओं ने विरोध किया। मारकंडे ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अडानी, अंबानी समेत बड़े औद्योगिक घरानों का लाखों करोड़ रुपए कर्ज माफ किया है। लेकिन, भाजपा नेता किसानों की कर्ज माफी के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उद्योगपतियों की कर्जमाफी की आधी रकम से पूरे देश के किसानों का कर्जमाफ किया जा सकता है और अच्छे दाम पर फसल खरीदी कर उनकी आर्थिक स्थिति सुधारी जा सकती है। भूपेश सरकार ने पिछले पांच साल में किसानों की धान खरीदी, कर्जमाफी और गोबर खरीदी करते हुए किसानों के खाते में एक लाख 75 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किये हैं। केंद्र सरकार ने पिछले पांच साल में किसानों का कितना कर्ज माफ किया। मोदी सरकार ने देश के किन राज्यों में 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का एक-एक दाना खरीदा। पूरे देश के किसानों का धान 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी करें। एक-एक दाना धान खरीदने का दावा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी देश भर में किसानों का कम से कम 20 क्विंटल धान खरीदें।